गुजरात में कांगो के 37 वर्षीय व्यवसायी की इबोला संक्रमण जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इससे इबोला को लेकर चिंताएं कम हुई है। दरअसल, एहतियात के तौर पर व्यवसायी सहित चार लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया था।
यह जानकारी गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने गुरुवार को दी। सूत्रों ने बताया कि बाकी तीन लोगों की रिपोर्टें पहले ही नेगेटिव आ चुकी हैं।
व्यवसायी अमुरी लोकुला हाल ही में कांगो से मुंबई आया था और उसके बाद सिलवासा, दमन और वडोदरा गया था। पंशेरिया ने लोगों से अफवाहें न फैलाने का आग्रह किया।
इस बीच, एएनआइ के अनुसार, कांगो में इबोला से जुड़े मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कांगो सरकार ने बुधवार को बताया कि प्रकोप शुरू होने के बाद से 1,077 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें 246 मौतें शामिल हैं। लैब में 121 संक्रमणों की पुष्टि हुई है, जिनमें 17 घातक मामले शामिल हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि वास्तविक आंकड़ा काफी अधिक है, क्योंकि युगांडा और दक्षिण सूडान की सीमा पर स्थित इटुरी प्रांत में यह प्रकोप हफ्तों तक किसी का ध्यान नहीं गया और सभी मामलों की रिपोर्ट नहीं की जा रही है।
रॉयटर के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस घेब्रेयेसस गुरुवार को कांगो की यात्रा पर थे। इस बीच गुरुवार की सुबह एक मालवाहक विमान ने मास्क, दस्ताने, जूते और दवाइयां पहुंचाईं।
ये यूरोपीय संघ द्वारा दान की गई थीं। ये सामान पूर्वोत्तर के उस कस्बे बुनिया में पहुंचाए गए जो इस महामारी का केंद्र है।