भारत-पाकिस्तान सिंधु नदी जल समझौते के प्रविधानों के तहत पाकिस्तान को पानी का हिस्सा दिलवाने के लिए सेना हर संभव कदम उठाएगी। तनाव बढ़ाने वाली यह बात पाकिस्तानी सेना के उच्चाधिकारियों के बीच से निकलकर आई है।
भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 22 अप्रैल, 2025 को सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान को देने इनकार कर दिया था।
इसके चलते पाकिस्तान में सिंचाई और पेयजल संकट महसूस किया जा रहा है। हिमालय से निकली सिंधु नदी भारत होती हुई पाकिस्तान जाती है। इस नदी के जल बंटवारे का समझौता 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था।
पाकिस्तानी सेनाओं के प्रमुख आसिम मुनीर की अध्यक्षता में सोमवार को हुई सेना के कोर कमांडरों की बैठक में कहा गया पाकिस्तान सरकार के निर्देश पर और जनता की प्रेरणा से पाकिस्तानी सेना देश को सिंधु नदी के पानी का जायज हिस्सा दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए संकल्पबद्ध है।
कोर कमांडरों की बैठक में 24 अप्रैल, 2025 को नेशनल सिक्युरिटी कमेटी की बैठक में इस बाबत लिए गए निर्णय और दिशानिर्देशों का भी जिक्र किया गया। सेना ने बैठक में लिए गए संकल्प का बयान जारी किया है। कोर कमांडरों की बैठक में क्षेत्र में सुरक्षा वातावरण की समीक्षा की गई और सेनाओं की तैयारी पर संतोष व्यक्त किया गया।
बैठक में पाकिस्तानी सेना के पेशेवर तरीके से तैयार होने और लड़ाई के लिए एकजुट होने की बात कही गई। बैठक में अफगानिस्तान की जमीन के चरमपंथी समूहों द्वारा इस्तेमाल किए जाने पर चिंता व्यक्त की गई। कहा गया कि सेना पाकिस्तान के लोगों को आतंक से बचाकर सुरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध है।