ईरान पर अमेरिका के संभावित नए और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की ओर से लगाए जाने वाले नए प्रतिबंधों को संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के खिलाफ युद्ध की घोषणा के तौर पर देखा जाएगा।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक्स पर कहा कि ऐसे प्रतिबंधों के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई जगह नहीं है। उन्होंने इसे दूसरे देशों पर अपनी सत्ता थोपने की अमेरिकी कोशिश बताया।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिका के वाणिज्य मंत्री स्काट बेसेंट सोमवार को ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। बेसेंट ने चीन से भी इन प्रतिबंधों में सहयोग करने की अपील की है।
हालांकि, चीन ने कहा है कि ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने से पश्चिम एशिया का संकट हल नहीं होगा। चीन ने कूटनीतिक रास्ते से विवाद सुलझाने की वकालत की है। वह ईरान के सबसे बड़े तेल खरीदारों में है और ईरान के 80 प्रतिशत से अधिक तेल की खरीद करता है।
अमेरिका के दबाव के बावजूद ईरान नहीं झुका
पिछले छह महीने से जारी संघर्ष और अमेरिकी दबाव के बावजूद ईरान को झुकाने में अमेरिका को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। दोनों देशों के बीच शांति वार्ता भी किसी निर्णायक नतीजे तक नहीं पहुंची है। ऐसे में अमेरिका अब ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाने की तैयारी में है।
रॉयटर के अनुसार, ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने शुक्रवार को कहा कि दुश्मन की किसी भी धमकी का जवाब सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा।
उन्होंने इसे करारा और विनाशकारी जवाब देने की चेतावनी दी। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन वह उनकी नजर में उचित समझौते के लिए अभी तैयार नहीं है।
होर्मुज पर भी आमने-सामने दावे
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी दोनों देशों के दावों में बड़ा अंतर है। ट्रंप का कहना है कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। एपी के अनुसार, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने पिछले सात दिनों में रोज करीब 80 लाख बैरल तेल ले जा रहे जहाजों को होर्मुज पार करने में मदद की।
हालांकि, शिप ट्रैकिंग आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को केवल चार कमोडिटी जहाज ही स्ट्रेट से बाहर निकले। युद्ध से पहले यहां से रोज करीब दो करोड़ बैरल कच्चे तेल की आवाजाही होती थी।
ईरान ने संसद प्रमुख एमबी गलीबाफ की बगदाद यात्रा के बाद इराकी तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की विशेष अनुमति दी है।
एएनआई के अनुसार, इस बीच होर्मुज के संयुक्त प्रबंधन को लेकर ईरान और ओमान के बीच समझौते की चर्चा के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिका में ओमान के राजदूत तलाल अल राहबी से मुलाकात की।
दोनों पक्षों ने साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इससे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ओमान अमेरिका और ईरान के बीच आया तो उसे भीषण बमबारी का सामना करना पड़ सकता है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड से संबद्ध बसीज मोस्तजाफिन संगठन के प्रमुख होज्जैतोलेस्लाम तईब ने दावा किया है कि ईरान ने दुनिया में सत्ता का नक्शा बदल दिया है और खुद इसके केंद्र में पहुंच गया है।
उन्होंने जोर देकर रहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य अभियान ने अमेरिकी सेना की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।
एक कार्यक्रम में तईब ने कहा कि भारी-भरकम बजट और व्यापक खुफिया व ऑपरेशनल क्षमताओं वाली अमेरिकी सेना ये मान बैठी थी कि वह ईरान को कम समय में हरा सकती है।
उन्होंने कहा कि ईरान ने दुश्मन को पीछे हटने के साथ ही युद्धविराम और शांतिवार्ता के लिए भी मजबूर किया। उन्होंने ये भी दावा किया कि वार्ता के नाम पर ईरान को बरगलाने की मंशा भी सफल नहीं हुई।