सऊदी अरब ने मंगलवार को हार्मिस मुशैत और नजदीक के तीन शहरों पर हूती के हमलों के बाद लागू अलर्ट हटा लिया है।
इन हमलों में सऊदी अरब के कई तेल ठिकानों और सैन्य अड्डे को नुकसान हुआ है। लेकिन सऊदी अरब ने नुकसान का ब्योरा नहीं दिया है। जबकि मंगलवार-बुधवार की रात हूती के कब्जे वाले यमन के इलाकों में सऊदी अरब के समर्थक सुरक्षा बलों ने बमबारी की।
इस बीच पाकिस्तान ने कहा है कि हूती सऊदी अरब पर हमलों से बाज आए अन्यथा सऊदी अरब-पाकिस्तान-तुर्किये का सैन्य गठबंधन सक्रिय हो जाएगा। गठबंधन के नियम के अनुसार एक देश पर हुआ हमला सभी पर माना जाएगा और सभी मिलकर जवाबी कार्रवाई करेंगे।
सऊदी अरब और यमन के बड़े हिस्से पर 12 वर्षों से कब्जा जमाए ईरान समर्थित हूती लड़ाकों के बीच पिछले कुछ महीनों में तनाव बढ़ा है। इससे पहले वर्षों चली लड़ाई के बाद 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में दोनों के बीच समझौता हुआ था।
यमन के एक हिस्से पर सऊदी अरब समर्थित सरकार का शासन है। इस सरकार की सेना ने हाल के महीनों में हूती पर हमले किए हैं। इसके बाद, कुछ हफ्ते पहले सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने हूती के नियंत्रण वाले क्षेत्र पर बमबारी की थी।
इसलिए मंगलवार को सऊदी शहरों पर हूती के हमलों को जवाबी वार माना जा रहा है। मंगलवार-बुधवार रात भी हूती के ठिकानों पर बमबारी को सऊदी समर्थित सुरक्षा बलों की कार्रवाई माना जा रहा है।
सऊदी अरब पर हमले की भारत ने की निंदा
भारत ने हूती लड़ाकों द्वारा सऊदी अरब के शहरों पर हमलों की निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सऊदी अरब के नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर हमले अस्वीकार्य हैं।
यह सऊदी अरब की संप्रभुता पर हमला है, तनाव बढ़ाने वाली इस तरह की हरकतों को तत्काल रोका जाना चाहिए। साथ ही लाल सागर और बाब-अल-मंदेब के समुद्री मार्गों पर आवागमन बेरोकटोक और सुचारु रहना चाहिए।