अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते की राह में होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा बड़ा रोड़ा बनता दिख रहा है, क्योंकि तेहरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर नियंत्रण के दावे पर अड़ गया है।
वह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने के लिए अंतरराष्ट्रीय मान्यता हासिल करने के लिए दृढ़ है, भले ही इसके लिए उसे बल प्रयोग करना पड़े।
ईरान होर्मुज में जहाजों से चाहता है टोल
रायटर के अनुसार, दो वरिष्ठ ईरानी सूत्रों ने बुधवार को कहा कि ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने के लिए दृढ़ संकल्प है।
भले ही इसके लिए बल का सहारा लेना पड़े। ईरानी वार्ताकार वाशिंगटन के साथ चल रही शांति वार्ता में अन्य विवादित मुद्दों पर तब तक आगे नहीं बढ़ेंगे, जब तक इस पर नियंत्रण की सहमति नहीं बन जाती।
उन्होंने कहा कि अगर अंतरिम समझौता बगैर विस्तार के समाप्त होता है तो ईरान मध्य अगस्त से जहाजों से शुल्क वसूलना शुरू कर देगा। हाल ही में अमेरिका और छह खाड़ी देशों ने एक संयुक्त बयान में ईरान के दावे को खारिज कर दिया था कि वह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल सकता है।
ईरानी विदेश मंत्री की चेतावनी
इधर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक पोस्ट में चेतावनी दी है कि ईरान अपने नागरिकों या नेतृत्व के खिलाफ किसी भी खतरे का तत्काल पूरी ताकत के साथ जवाब देगा।
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच गत 18 जून को 14 सूत्रीय अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते के तहत ईरान ने 60 दिनों के लिए बिना शुल्क के जहाजों को होर्मुज से गुजरने पर सहमति जताई थी।
न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक, अमेरिका की आपत्ति के बावजूद ईरान और ओमान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की योजना को आगे बढ़ा रहे हैं। मामले के बारे में जानकारी रखने वाले एक ईरानी और चार राजनयिकों ने यह जानकारी दी है। अगर इस योजना पर अमल किया जाता है तो इस जलमार्ग में युद्ध की पहले की स्थिति में बड़ा बदलाव होगा। 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध से पहले इस जलमार्ग पर कोई शुल्क नहीं वसूला जाता था।
होर्मुज में जहाज फंसा
दुबई, एपी: ईरान की तरफ से निर्धारित मार्ग का पालन नहीं करने पर एक जहाज होर्मुज स्ट्रेट के उथले पानी फंस गया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बुधवार को यह जानकारी दी। जहाज की पहचान एक विदेशी कंटेनर जहाज के रूप में की गई, लेकिन इसके अलावा कोई जानकारी तत्काल नहीं दी गई।