15 वर्षीय किशोरी ने घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के वक्त दिवंगत की मां खेत में बताई गईं है। के अन्य सदस्य घर के दूसरे हिस्से में थे। जब काफी देर तक किशोरी के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तब परिजनों को संदेह हुआ और अंदर का नजारा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
पिता की गैरमौजूदगी में परिवार को दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दिवंगत के पिता रोजी-रोटी के सिलसिले में खाड़ी देश में काम करते हैं। घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए वे लंबे समय से घर से बाहर हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पिता कैलाशनाथ को सूचित कर दिया गया है, जिनका वहीं पर रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में इस घटना के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है। खेत वापस जब मां रामरती ने घर आकर उसे आवाज दी और कोई जवाब नहीं मिला। आनन-फानन में दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा गया और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टर ने प्रियांशी को मृत घोषित कर दिया।
सात बहनों में सबसे छोटी प्रियांशी औद्योगिक विकास इंटर कालेज बिहरा बाजार में हाई स्कूल की छात्रा थी। एसएचओ टीडी सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।