मिसाइल में तकनीकी खामी या सुनियोजित साजिश? ईरान के प्राइमरी स्कूल पर अमेरिकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा…

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध के एक महीने से अधिक हो गए हैं। इस बीच पहले दिन दक्षिण ईरान के लामर्द शहर में एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए विनाशकारी हमले का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

दरअसल, 28 फरवरी को दक्षिण ईरान के लामर्द में हुए हमले में हमला किया, उसका युद्ध में परीक्षण नहीं हुआ था। लामर्द में हुए विस्फोटों के वीडियो फुटेज और घटनास्थल पर मिले टंगस्टन के निशानों से संकेत मिलते हैं कि यह लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित वही अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसने पिछले वर्ष ही अपना प्रोटोटाइप परीक्षण पूरा किया था।

छोटी दूरी के लिए किया गया है डिजाइन

अमेरिका में निर्मित इस प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल (PrSM) मिसाइल को छोटी दूरी की अपने लक्ष्य के ठीक ऊपर विस्फोट करने और टंगस्टन की छोटी-छोटी गोलियों को बाहर की ओर फैलाने के लिए डिजाइन किया गया है।

इस हथियार को लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित और निर्मित किया गया है । मूल रूप से, यह लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन के बीच पुराने आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) को बदलने के लिए एक प्रतियोगिता थी, लेकिन 2020 की शुरुआत में रेथियॉन के प्रतियोगिता से हटने के बाद लॉकहीड मार्टिन एकमात्र डेवलपर बन गया।

क्या जानबूझकर किए गए थे हमले?

अमेरिकी सेना द्वारा जारी एक बयान के अनुसार , इस हथियार का प्रोटोटाइप परीक्षण पिछले साल पूरा हो गया था। लामर्ड स्ट्राइक में पहली बार इसका इस्तेमाल युद्ध की परिस्थितियों में किया गया था।

चूंकि यह हथियार इतना नया है, इसलिए यह आकलन करना अधिक कठिन है कि लामर्ड में हुए पीआरएसएम हमले अमेरिका द्वारा सोची समझी साजिश थी या फिर जानबूझकर हमले किए गए थे।

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