तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने रविवार को मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की अगुवाई वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला।
स्टालिन ने कहा कि राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखकर लोग अब यह चर्चा करने लगे हैं कि क्या यह सरकार तीन महीने भी टिक पाएगी?
स्टालिन यह बयान उस कार्यक्रम में दे रहे थे, जहां पूर्व वीसीके विधायक पनैयूर बाबू अपने समर्थकों के साथ डीएमके में शामिल हुए। इस दौरान डीएमके के कई वरिष्ठ नेता, जिनमें कनिमोझी करुणानिधि, टीआर बालू और उदयनिधि स्टालिन मौजूद थे।
छह महीने तक आलोचना नहीं करने का फैसला किया था
स्टालिन ने कहा कि TVK सरकार बनने के बाद डीएमके ने तय किया था कि वह शुरुआती छह महीनों तक सरकार की आलोचना नहीं करेगी। लेकिन हालात इतने तेजी से बदले कि अब इस मुद्दे पर चर्चा करना जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि जब यह सरकार सत्ता में आई थी, तब हमने छह महीने तक आलोचना से दूर रहने का फैसला किया था। लेकिन अब परिस्थितियां ऐसी बन गई हैं कि लोग खुद पूछ रहे हैं कि क्या यह सरकार पांच-छह महीने तो छोड़िए, तीन महीने भी टिक पाएगी?
पनैयूर बाबू हुए डीएमके में शामिल
पूर्व वीसीके विधायक पनैयूर बाबू ने आधिकारिक रूप से डीएमके का दामन थाम लिया। स्टालिन ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें सिद्धांतों पर अडिग रहने वाला नेता बताया।
स्टालिन ने कहा कि विधानसभा में बाबू का व्यवहार हमेशा शांत और गंभीर रहा, लेकिन जब भी उन्होंने अपनी बात रखी, वह अपने क्षेत्र और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाते थे। उन्होंने कहा कि पनैयूर बाबू ने डीएमके को अपने वैचारिक सफर को आगे बढ़ाने के लिए सही मंच माना है।
डीएमके सरकार के कामों का भी किया जिक्र
स्टालिन ने इस मौके पर डीएमके सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने सामाजिक न्याय और विकास से जुड़े कई कार्यों का उल्लेख किया, जिनमें इमैनुएल सेकरण और रेट्टामलाई श्रीनिवासन जैसे नेताओं के स्मारक, छात्रावासों का नवीनीकरण और कई विकास परियोजनाएं शामिल हैं।
विपक्ष लगातार TVK सरकार पर हमलावर
स्टालिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब TVK सरकार पर विपक्ष लगातार निशाना साध रहा है। इससे एक दिन पहले एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी ने भी दावा किया था कि यदि सहयोगी दल समर्थन वापस ले लें, तो TVK सरकार गिर सकती है।