सुप्रीम कोर्ट ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उस कारोबारी की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार को सहमत हो गया, जिसके खिलाफ कश्मीर घाटी में कथित आतंकी फंडिंग को लेकर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने नवल किशोर कपूर की याचिका पर एनआइए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील शादान फरासत ने बताया कि नवल किशोर कपूर सात साल से अधिक समय से हिरासत में है और आतंकी फंडिंग का आरोप भी साबित नहीं हुआ है।
उन्होंने दलील दी कि अभियोजन पक्ष के अनुसार, कपूर ने घाटी में अलगाववादी और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जहूर अहमद शाह वटाली को कुछ पैसे दिए थे, लेकिन उस पैसे का इस्तेमाल बैंकों के ऋण चुकाने में किया गया था।