एमएसपी से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब…

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करते समय खेती की वास्तविक लागत को लेकर राज्यों के प्रस्तावों को महत्व देने की मांग वाली एक याचिका पर केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई और केंद्र, विदेशी व्यापार महानिदेशालय, कृषि लागत और मूल्य आयोग को नोटिस जारी किया।

प्रशांत भूषण ने क्या कहा?

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यह याचिका देश के किसानों से संबंधित एक बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाती है।

भूषण ने बताया कि भारतीय किसान गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं और वे अपनी उपज को उसकी वास्तविक उत्पादन लागत पर भी बेचने में असमर्थ हैं। इसके चलते पिछले पांच वर्षों में महाराष्ट्र में 17,000 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है।

याचिकाकर्ताओं की क्या है मांग?

उन्होंने एमएसपी के निर्धारण में वास्तविक लागत को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। याचिका में कहा गया कि 2006 में एमएस स्वामीनाथन आयोग ने सिफारिश की थी कि किसानों को उनकी लागत 50 प्रतिशत लाभ दिया जाना चाहिए।

याचिकाकर्ताओं ने एमएसपी के तहत अधिसूचित फसलों की पूरी खरीद सुनिश्चित करने और किसानों के सभी बकाया कृषि ऋण माफ करने की भी अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *