सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता पंकज शर्मा पर हुए हमले के मामले में दिल्ली पुलिस को जांच की प्रगति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने कहा कि रिपोर्ट पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) से कम रैंक के अधिकारी द्वारा दाखिल नहीं की जानी चाहिए।
साथ ही कोर्ट ने तय करने को कहा कि अधिवक्ता की जान व स्वतंत्रता को किसी प्रकार का खतरा न हो। वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के सदस्य पंकज शर्मा पर 11 जुलाई को उनके घर में हमला किया गया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और आठ टांके लगाने पड़े।
आरोप लगाया कि एफआइआर दर्ज होने के बावजूद अगले दिन हमलावर दोबारा आए और उन्हें व उनके परिवार को धमकाया। दावा किया गया है कि आरोपित स्थानीय राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस उचित कार्रवाई नहीं कर रही है।