उत्तर भारत में सूरज बरपा रहा कहर, हीटवेव का खतरा बढ़ा; उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में रेड अलर्ट जारी…

यूपी, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही तापमान सामान्य से पांच डिग्री से अधिक ऊपर पहुंच गया है।

कई इलाकों में दिन के समय सड़कें और बाजार सुनसान नजर आ रहे हैं। सड़कों पर कम लोग नजर आ रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्र भी गर्मी की चपेट में हैं।

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में शनिवार को देश का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री अधिक है। यह न केवल यूपी बल्कि पूरे देश में इस मौसम का सबसे ऊंचा पारा है।

उत्तराखंड में 40 डिग्री पार पहुंचा पारा

उत्तराखंड से जागरण संवाददाता के अनुसार, ऊधमसिंह नगर में तो वर्ष 2009 के बाद पहली बार अप्रैल में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा है।

इन राज्यों में लू चलने की चेतावनी जारी

इस बीच मौसम विभाग ने जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में और लू चलने की चेतावनी जारी की है। साथ ही कहा है कि अगले दो-दिन तक उत्तर भारत को गर्मी झुलसाएगी और राहत की उम्मीद नहीं है।

यूपी में 47 डिग्री पार पहुंचा पारा

आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, केंद्रीय और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान वर्तमान में 40 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच है।

उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में रातें गर्म रहेंगी

आईएमडी ने यह भी संकेत दिया है कि जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में लू चलने के आसार हैं। साथ ही कहा कि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में रातें गर्म रहेंगी और तटीय व पूर्वी क्षेत्रों में मौसम गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 27 अप्रैल तक कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा, इसके बाद धीरे-धीरे गिरावट आएगी।

प्रेट्र के अनुसार, आइएमडी ने लोगों से सीधी धूप में लंबे समय तक रहने से बचने खासकर दोपहर के उच्च तापमान के दौरान, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने, बेहद जरूर काम होने की सूरत में ही दोपहर में बाहर निकलने की एडवाइजरी जारी की है। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

कब आती है लू की स्थिति

भारत में लू (हीटवेव) की स्थिति आमतौर पर अप्रैल से जून के महीनों के बीच खासकर मई-जून में अपने चरम पर होती है। यह मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में शुष्क और गर्म हवाओं के रूप में चलती है।

जब तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक चला जाता है तो लू की स्थिति आती है। मैदानी इलाकों में जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक हो जाता है तब लू की स्थिति घोषित की जाती है।

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