स्पेन के खगोलविदों ने हमारी आकाशगंगा मिल्की वे के एक विशाल गैसीय बादल में चीनी (शर्करा) के अणुओं की मौजूदगी का पता लगाया है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह एरिथ्रुलोज नामक शर्करा है, जो जीवन के लिए महत्वपूर्ण जैविक यौगिकों में शामिल मानी जाती है।
विज्ञानियों का कहना है कि ऐसी शर्कराएं केवल खाद्य पदार्थों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कोशिकाओं और डीएनए जैसे जीवन के मूलभूत घटकों के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाती हैं। यह खोज दो रेडियो टेलीस्कोप से जुटाए गए आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर की गई।
विज्ञानियों ने मिल्की वे के केंद्र के पास स्थित एक विशाल गैस और धूल के बादल में इस शर्करा के संकेत दर्ज किए। यह अध्ययन प्रतिष्ठित शोध पत्रिका नेचर एस्ट्रोनोमी में प्रकाशित हुआ है। शोध दल की सदस्य और स्पेन की खगोल-भौतिकविद इजास्कुन जिमेनेज-सेरा ने कहा कि विज्ञानी अंतरतारकीय बादलों में मौजूद जटिल कार्बनिक अणुओं की पहचान कर रहे हैं।
इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि जीवन के लिए जरूरी रासायनिक पदार्थ अंतरिक्ष में कैसे बनते हैं और क्या ब्रह्मांड के अन्य हिस्सों में भी जीवन विकसित होने की अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हो सकती हैं।
विज्ञानियों के अनुसार, यह खोज इस बात के और प्रमाण देती है कि जीवन के लिए आवश्यक जटिल कार्बनिक अणु पृथ्वी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतरिक्ष के विशाल गैसीय बादलों में भी प्राकृतिक रूप से बन सकते हैं।