पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी ने सुवेंदु अधिकारी को अपनी पहली सरकार का चेहरा घोषित किया है।
294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत किया।
भवानीपुर की यह जीत प्रतीकात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई क्योंकि यह सीट लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का सबसे सुरक्षित गढ़ मानी जाती रही है।
दो बार ममता को सीधे चुनौती देकर अधिकारी ने भाजपा के भीतर अभूतपूर्व कद हासिल कर लिया। पार्टी के अंदर कई दावेदार थे, लेकिन नंदीग्राम और भवानीपुर की जीत ने किसी को भी उनके करीब नहीं पहुंचने दिया।
वर्षों तक खुद को टीएमसी के सबसे मजबूत विरोधी के रूप में स्थापित करने वाले अधिकारी अब राज्य की सत्ता संभालगें। उनकी जमीनी लोकप्रियता, चुनावी सफलता और संगठनात्मक क्षमता ने उन्हें भाजपा नेतृत्व की स्वाभाविक पसंद बनाया।
ममता को गढ़ में दो बार हराया
सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद सौपने का सबसे बड़ा कारण भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराना रहा।
ममता का गृह क्षेत्र माना जाने वाला भवानीपुर उनका राजनीतिक किला था, लेकिन अधिकारी ने यहां 73,917 वोट हासिल कर ममता को 15,105 वोटों से मात दी। इससे पहले 2021 में नंदीग्राम में भी उन्होंने ममता बनर्जी को हराया था।
भवानीपुर की यह जीत प्रतीकात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई क्योंकि यह सीट लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का सबसे सुरक्षित गढ़ मानी जाती रही है।
दो बार ममता को सीधे चुनौती देकर अधिकारी ने भाजपा के भीतर अभूतपूर्व कद हासिल कर लिया। पार्टी के अंदर कई दावेदार थे, लेकिन नंदीग्राम और भवानीपुर की जीत ने किसी को भी उनके करीब नहीं पहुंचने दिया।