दक्षिणी जिला पुलिस की एएटीएस, स्पेशल स्टाफ व साकेत थाने की टीम ने बंदूक की नोक पर हुई 12.66 लाख रुपये की लूट के मामले का पर्दाफाश किया है।
मामले में शिकायत मिलने के दो घंटे के भीतर टीम ने दो आरोपितों को गिरफ्तार करने के साथ ही पूरी रकम बरामद की। लूट का पूरा मामला फर्जी निकला। अपने मालिक का पैसा लाते समय उसके दोनों कर्मचारियों ने लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी।
क्या है पूरा मामला?
दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के मुताबिक 21 जुलाई को बंदूक की नोक पर लूट मामले काल मिली। बदरपुर निवासी शिकायतकर्ता पवन कुमार ने आरोप लगाया कि जब वह अपने मालिक की ओर से इकट्ठा किए गए 12.66 लाख रुपये लेकर जा रहा था, तो बाइक सवार दो हमलावरों ने एमबी रोड पर साकेत के पास बंदूक की नोक पर उससे लूटपाट की।
इस पर एएटीएस से एसआई नवदीप, शाजिद हुसैन, एएसआई रविंदर, हेड कांस्टेबल देवेंद्र, बृजेश, वीरेंद्र, कांस्टेबल अरविंद, कृष्ण और स्पेशल स्टाफ से एसआई अमित ग्रेवाल, नवीन कुमार, हेड कॉन्स्टेबल दिनेश कुमार, मनीष कुमार, संदीप धायल, मनीष कुमार, कांस्टेबल मूल चंद, महेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार एवं साकेत थाने से एसआई मनदीप कुकाना, कॉन्स्टेबल मनीष कुमार की संयुक्त टीम बनाई गई।
इंस्पेक्टर अमित दत्त शर्मा के नेतृत्व व एसीपी ऋतुराज की निगरानी में टीम ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सबूतों और शिकायतकर्ता की गतिविधियों की जांच की। पड़ताल में शिकायतकर्ता का बयान सीसीटीवी फुटेज से मेल नहीं खाया। उसके बताए रास्ते पर वह कहीं भी आते-जाते नहीं दिखा।
कड़ाई से पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने कैश हड़पने के लिए अपने साथी तिगड़ी निवासी गणेश चंद चेतिवाल के साथ मिलकर लूट की झूठी कहानी रची थी। उसकी निशानदेही पर टीम ने गणेश को गिरफ्तार करते हुए उसके घर से पूरे 12.66 लाख रुपये बरामद किए।
दोनों आरोपित एक ही कंपनी के कर्मचारी हैं, जिन्होंने अपने मालिक द्वारा सौंपे गए कैश को हड़पने की साजिश रची। पीसीआर करने वाले शिकायतकर्ता यानी पवन ने चुपके से वह पैसा अपने साथी गणेश को सौंप दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए बंदूक की नोक पर लूट की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी।