भूमिहीन परमेश्वर मजदूरी से चला रहे चार सदस्यीय परिवार, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से मिल रहे 10 हजार रुपये
नियमित आय का साधन नहीं होने के बीच योजना बनी सहारा, बच्चों के पालन-पोषण और घरेलू जरूरतों में काम आ रही सहायता राशि
रोज काम की तलाश और मिलने वाली मजदूरी से परिवार का गुजारा। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत बकालो के भाटापारा निवासी श्री परमेश्वर का जीवन इसी मेहनत पर निर्भर है।
उनके पास स्वयं की कृषि भूमि नहीं है और मजदूरी ही परिवार की आजीविका का मुख्य आधार है। ऐसे में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मिलने वाली 10 हजार रुपये की सालाना सहायता उनके चार सदस्यीय परिवार के लिए जरूरत के समय आर्थिक संबल बन रही है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अपनी ‘सेवा की कहानी’ साझा करते हुए परमेश्वर बताते हैं कि जहां काम मिलता है, वहां मजदूरी कर लेते हैं। इसी कमाई से घर की रोजमर्रा की जरूरतें और बच्चों के पालन-पोषण का खर्च पूरा होता है। मजदूरी से होने वाली सीमित आमदनी के बीच योजना से मिलने वाली राशि परिवार को अतिरिक्त आर्थिक सहारा दे रही है।
भूमिहीन परिवार की आजीविका का आधार है मजदूरी
स्वयं की कृषि भूमि नहीं होने के कारण परमेश्वर के पास खेती से आमदनी का कोई साधन नहीं है। परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए वे दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं। काम मिलने पर होने वाली कमाई से ही चार सदस्यीय परिवार का खर्च चलता है।
ऐसे में योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि घर की आवश्यकताओं और बच्चों के पालन-पोषण में उपयोगी साबित हो रही है। इससे मजदूरी पर निर्भर परिवार को जरूरत के समय अतिरिक्त राशि उपलब्ध हो जाती है।
10 हजार रुपये की सहायता से बहुत मदद हो जाती है
परमेश्वर अपनी परिस्थितियों और योजना से मिली राहत के बारे में बताते हैं, “मेरे पास कोई जगह-जमीन नहीं है। रोज की मजदूरी करके कमाते हैं। परिवार में चार सदस्य हैं। जहां काम मिलता है, वहां काम कर लेते हैं और उसी से घर चलता है। योजना से 10 हजार रुपये मिलते हैं, उससे बहुत मदद हो जाती है। बाल-बच्चों को पालने में भी यह पैसा काम आता है।”
उनके लिए यह सहायता राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने और बच्चों की देखभाल से जुड़े खर्चों में सहयोगी बन रही है। मजदूरी की आय के साथ मिलने वाली यह अतिरिक्त मदद परिवार के घरेलू बजट को सहारा दे रही है।
अनिश्चित मजदूरी के बीच योजना से मिला आर्थिक संबल
सेवा संकल्प अभियान के तहत परमेश्वर की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि भूमिहीन और मजदूरी पर निर्भर परिवार के लिए आर्थिक सहायता किस तरह जरूरत के समय उपयोगी साबित हो सकती है। नियमित आय का साधन नहीं होने के बीच दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से मिलने वाली राशि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दे रही है।
परमेश्वर ने योजना से मिल रही सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भूमिहीन परिवारों के लिए शासन की यह सहायता आर्थिक संबल प्रदान कर रही है।