बीजापुर : सेवा की कहानी : भट्टीगुड़ा से गोंडपारा तक बनी सड़क, ग्रामीणों की राह हुई आसान…

पगडंडी और जंगली रास्तों से मिली मुक्ति, बाजार, स्वास्थ्य केंद्र और विकासखण्ड मुख्यालय तक पहुंच हुई सुगम

उसूर विकासखण्ड के भट्टीगुड़ा से गोंडपारा तक सड़क निर्माण से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या दूर हुई है। सड़क बनने से अब ग्रामीणों को बाजार, स्वास्थ्य केन्द्र, विकासखण्ड मुख्यालय एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी हो रही है।

भट्टीगुड़ा से गोंडपारा तक 1.75 किलोमीटर लंबी सड़क वर्ष 2018-19 में स्वीकृत की गई थी। इसके अंतर्गत 1.75 किलोमीटर मिट्टी एवं मुरूम सड़क निर्माण के साथ पुलिया निर्माण का कार्य भी पूर्ण किया गया है।

पहले पगडंडियों से तय होता था सफर- सड़क निर्माण से पहले ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पगडंडी और जंगली रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था। इससे काफी समय लगने के साथ ही ग्रामीणों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विशेषकर बारिश के दिनों में आवागमन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता था। प्रशासनिक अमले को भी गांव तक पहुंचने में परेशानी होती थी, जिससे विभागीय कार्यों के संचालन में अतिरिक्त समय लगता था।

सड़क बनी तो सुविधाओं से जुड़ा गांव- सड़क निर्माण के बाद गोंडपारा एवं आसपास के ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से सीधा संपर्क स्थापित हुआ है। अब बाजार केन्द्र, विकासखण्ड मुख्यालय और स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंच आसान हुई है। विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिल रही है, वहीं किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने और ग्रामीणों को राशन सहित अन्य आवश्यक सामग्री लाने में भी सहूलियत हुई है। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों के समय और दूरी दोनों की बचत हो रही है। आवागमन आसान होने से क्षेत्र की आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिली है।

शासकीय योजनाओं की पहुंच भी हुई आसान- सड़क ने ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के करीब लाने के साथ शासन-प्रशासन की पहुंच भी आसान बनाई है। अब विभागीय अमला गांव तक सुगमता से पहुंचकर विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर पा रहा है। भट्टीगुड़ा से गोंडपारा तक बनी यह सड़क ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी के साथ विकास की नई राह खोल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *