उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने शुक्रवार को पुरानी पेंशन बहाली समेत अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन किया। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) कार्यालयों पर प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों के त्वरित निस्तारण की मांग की गई।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, तदर्थ शिक्षकों का विनियमन कर तदर्थवाद समाप्त करना, पुरानी पेंशन से आच्छादित शिक्षकों के जीपीएफ खातों में एनपीएस की धनराशि ब्याज सहित स्थानांतरित करना शामिल है।
साथ ही राज्य कर्मचारियों की तरह कार्यरत और सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा सुविधा का समान लाभ देने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन के तीन वर्ष बाद भी सेवा नियमावली नहीं बनना गंभीर विषय है।
शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और कार्यवाहक प्रधानाचार्यों के वेतन भुगतान से संबंधित पूर्व प्रविधानों की धारा 12, 18 और 21 को नए शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में लागू करने व शासन के सिटीजन चार्टर को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग भी की गई।
प्रदेशभर में हुए आंदोलन का नेतृत्व वाराणसी में प्रदेश अध्यक्ष डा. जितेंद्र कुमार सिंह पटेल, हरदोई में महामंत्री आशीष कुमार सिंह, बलिया में संरक्षक विजय कुमार सिंह, बाराबंकी में सुरेश चंद्र वैश्यवार व ओम प्रकाश त्रिपाठी, सुल्तानपुर में अमरनाथ सिंह व तारा सिंह, आगरा में डॉ. भोज कुमार शर्मा, गोरखपुर में जगदीश पांडेय, कानपुर में शैलेंद्र द्विवेदी, आजमगढ़ में रामजन्म सिंह व पंकज सिंह और मीरजापुर में डॉ. श्याम नारायण तिवारी ने किया।