शासन के निर्देश पर जिले साढ़े तीन हजार से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है। ड्यूटी लग जाने के बाद महिला शिक्षिकाएं सबसे अधिक परेशान दिख रही हैं। वह ड्यूटी कटवाने के लिए कई तरह की जुगत लगा रही हैं।
कोई पुत्र की शादी का हवाला दे रहा है तो कोई बीमारी का बहाना बना रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग में जिम्मेदारों से सिफारिश लगवाने के साथ एडीएम कार्यालय तक चक्कर लगाए जा रहे हैं। जिला समन्वयक सबसे अधिक महिला शिक्षकों की सिफारिश लेकर पहुंच रही हैं।
जिले में 1489 विद्यालयों सहायक अध्यापक, प्रधानाध्यापक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों समेत कुल पांच हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति है। जिसमें करीब 3600 शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है। जनगणना 22 मई से 20 जून तक होनी है।
जिसमें प्रत्येक शिक्षक को लगभग 80 से 100 घरों का जनगणना का कार्य करना है। अभी जनगणना का कार्य शुरू नहीं हुआ इसके पहले ही महिला शिक्षिकाएं सबसे अधिक ड्यूटी कटवाने की जुगत लगवा रही हैं।
हालत यह है कि किसी के पुत्र की शादी 29 जून की है लेकिन वह ड्यूटी कटवाने को बेटे की शादी का हवाला दे रहा।
कोई दूरी तो कोई बीमारी का बहाना बना रहा है। जबकि यह शासन का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। जिसमें बेहद संजीदगी से ड्यूटी करनी है। शिक्षा विभाग के कुछ जिला समन्वयक भी महिला शिक्षकों की सिफारिश लेकर बीएसए कार्यालय पहुंच रही हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश ने बताया कि उनके स्तर से किसी भी शिक्षक की ड्यूटी नहीं काटी जा सकती है। इसके लिए शिक्षकों को उच्चाधिकारियों के पास ही जाना पड़ेगा।