अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात करेंगे। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ दिनों से बातचीत चल रही है।
इसमें टिकटॉक पर भी बात हो रही थी। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मैं चीनी राष्ट्रपति से बात करने वाला हूं। हमारे संबंध अब भी बेहद मजबूत हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ट्रंप के पोस्ट के बाद रिपोर्टरों से कहाकि दोनों राष्ट्र प्रमुख इस सौदे को पूरा करने के लिए बात करेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन को धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि रूस और यूक्रेन का युद्ध रुकवाने के लिए चीन पर 50 से 100 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही थी।
बता दें कि अमेरिका और चीन के बीच शीर्ष स्तर की बातचीत में अचानक तेजी आई। अक्टूबर के अंत में जिनपिंग और ट्रंप की मुलाकात भी हो सकती है।
यह दोनों दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया पैसिफिक इकॉनमिक को-ऑपरेशन फोरम में मिलेंगे। इससे पहले पिछले हफ्ते अमेरिकी राज्य सचिव मार्को रुबियो और रक्षा सचिव पीट हेग ने अपने चीनी समकक्षों से मुलाकात की थी।
गौरतलब है कि दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ कठोर आर्थिक सुरक्षा उपायों को निलंबित कर दिया है। इसके चलते अमेरिका में टैरिफ 145 फीसदी तक बढ़ गया है।
इसकी नवीनतम समय सीमा मध्य नवंबर में थी। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीयर, जो सोमवार को मैड्रिड में भी बोल रहे थे, ने संकेत दिया कि नवंबर की डेडलाइन के आने पर उच्चतम शुल्क स्तरों पर रुकावट के और बढ़ाने की संभावना है।
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट पर अपने एक पोस्ट में कहा है कि अमेरिका और चीन के अधिकारियों के बीच बैठक अच्छी रही।
उस एक ‘खास कंपनी’ के संबंध में सौदा हो गया है जिसे हमारे देश के युवा बहुत हद तक बचाना चाहते थे। ट्रंप की टिप्पणी से संकेत मिलता है कि यह कंपनी ‘टिकटॉक’ है, जो चीन से जुड़ी एक सोशल मीडिया कंपनी है।
अमेरिकी कानून के अनुसार ‘टिकटॉक’ के समक्ष केवल दो विकल्प हैं, या तो यह खुद को बेच दे या फिर अमेरिका में अपना परिचालन बंद कर दे।