ब्रिटेन में रक्षा निवेश योजना में नौ महीने की देरी के कारण सैन्य आपूर्ति से जुड़ी कंपनियों पर बुरा असर पड़ रहा है। रूस से बढ़ते खतरे के बीच रक्षा खर्च की योजनाओं को तय करने में इस देरी के कारण कुछ छोटे सप्लायर बर्बाद हो गए हैं, दूसरों ने निवेश रोक दिया है और कई अन्य ने विदेशों में विस्तार का फैसला किया है।
हालांकि, प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर के मंगलवार को रक्षा निवेश योजना जारी करने की उम्मीद है। रक्षा और वित्त विभागों के बीच इस बात पर महीनों तक बहस चली थी कि अनुमानित £28 बिलियन पाउंड की कमी को कैसे पूरा किया जाए।
एआई डिफेंस कंपनी ‘ऑक्सफोर्ड डायनामिक्स’ की चीफ एग्जीक्यूटिव शेफली शर्मा ने कहा, “हमें रक्षा निवेश योजना की जरूरत है, ताकि निजी निवेशकों को भरोसा मिल सके। इसके न होने से व्यापार को नुकसान हो रहा है।”
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय से कांट्रैक्ट मिलने बंद हो गए हैं और छोटी-मोटी खरीद में भी सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है। इससे कंपनियां विदेशों में विस्तार पर ध्यान देने को मजबूर हैं।
परिणामस्वरूप दर्जनों छोटी कंपनियां या तो बंद हो गई हैं या दूसरे उद्योगों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपनी डिफेंस यूनिट्स बंद कर दी हैं।
डिफेंस कंपनी कोहोर्ट के चीफ एग्जीक्यूटिव ने कहा कि पिछले 18 महीनों में जर्मनी, पोलैंड, नार्डिक और बाल्टिक देशों की सेनाओं से मांग साफ तौर पर बढ़ी है, जबकि ब्रिटेन में ऐसा नहीं हुआ है।