बंगाल में सरस्वती पूजा पंडालों में दिखी एसआईआर थीम, आम लोगों को हो रही परेशानी को किया गया उजागर…

बंगाल में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर विवाद के बीच सरस्वती पूजा के पंडालों में भी एसआइआर की थीम नजर आई।

कोलकाता के बालीगंज साइंस कालेज में विद्या की देवी की सालाना पूजा को एक तीखे राजनीतिक विमर्श में बदल दिया गया है, जिसमें छात्रों ने पूजा की सजावट को 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल के सबसे ज्यादा विवादित मुद्दों में से एक का रूप दिया है।

इस पूजा पंडाल की कलाकृति के केंद्र में एक गहरा, ब्लैक होल जैसा बैकड्रॉप है, जिस पर दर्जनों फैले हुए हाथ दस्तावेजों को पकड़े हुए हैं- स्कूल के प्रवेश पत्र, पहचान पत्र व अन्य प्रमाण पत्र। जो छात्रों द्वारा वर्णित एसआइआर प्रक्रिया के दौरान आम लोगों को अमान्य बना दिए जाने का प्रतीक हैं।

ऊपर कई प्रतीकात्मक फंदे लटके हुए हैं, जो इस प्रक्रिया से जुड़े भय और मानसिक तनाव के कारण कथित आत्महत्याओं की ओर एक स्पष्ट संकेत हैं। नाम न बताने की शर्त पर न्यूरोसाइंस के द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने कहा, हम चिंता, अपमान और मिटा दिए जाने की भावना को दिखाना चाहते थे। यह पूजा हमारी प्रार्थना है कि यह उत्पीड़न तुरंत बंद हो जाए।

पंडाल में एक तरफ हरे रंग की जर्सी भी लटकी है जिस पर 250 लिखा है, जो सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के बार-बार दोहराए जाने वाले चुनावी लक्ष्य को दर्शाती है। दूसरी तरफ, भगवा रंग की जर्सी पर प्रश्नचिह्न बना है, जो भाजपा और राजनीतिक परिणाम को लेकर अनिश्चितता का स्पष्ट संकेत है।

उधर, दक्षिण कोलकाता के बेहला इलाके में प्रतिद्वंद्वी छात्र समूहों के बीच एक कालेज में सरस्वती पूजा समारोह पर नियंत्रण को लेकर झड़प हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

हालात इतने बिगड़ गए कि स्थानीय टीएमसी विधायक और पार्षद रत्ना चटर्जी को तनाव कम करने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा। पुलिस ने शांति बहाल करने से पहले कई छात्रों को हिरासत में लिया।

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