प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
इस साल शनि जयंती के लिए 27 मई को मनाई जाएगी।
दरअसल हिन्दू पंचांग के अनुसार यह व्रत ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाया जाएगा।
आपको बता दें कि वट सावित्री व्रत और शनि जयंती दोनों एक ही दिन मनाई जाती हैं।
शनि जयंती पर दक्षिण भारत में वैशाख मास में और उत्तर भारत में ज्येष्ठ मास में मनाई जाती है। आपको बता दें कि शनि जयंती पर शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उपाय किए जाते हैं।
कब से कब तक है शनि जयंती की तिथि और मुहूर्त
ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 26 मई 2025 दिन सोमवार को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी। अगले दिन अमावस्या तिथि 27 मई 2025 मंगलवार को सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगी।
ऐसे में सूर्योदय के बाद यह तिथि 27 मई को मिल रही है। ऐसे में शनि जयंती 27 मई मंगलवार को मनाई जाएगी।
आपको बता दें कि इस शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि साढ़ेसाती वाली राशियों को भी खास उपाय करने चाहिए। इस दिन पूजा का मुहूर्त खास तौर पर सुबह 9 बजकर 01 मिनट से सुबह 10 बजकर 40 मिनट तक होगा।
शनि जयंती पर क्या उपाय करें
शनि जयंती पर शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए गरीब लोगों की मदद करें और उन्हें दान दें। शनिदेव को तिल का तेल, नीले फूल और शमी पेड़ के पत्ते अर्पित करें। इनके साथ ही इमरती या तेल से बनी चीजों का भोग लगाएं।
तेल और उड़द से बनी खाने की चीजों का दान करें। पूरे दिन व्रत रखें। इस दिन काला कपड़ा, उड़द, तेल और लोहे की चीजें दान करनी चाहिए।