पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद शुष्क और ठंडी हवाओं के तेजी से नीचे की ओर मैदानी इलाकों में आने के चलते उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने जा रहा है।
ऐसी स्थिति तीन-चार दिनों तक रहेगी। दिन में धूप तो निकलेगी, लेकिन दोपहर बाद तापमान में गिरावट जारी रहेगी।
पंजाब से लेकर बिहार तक न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।
मौसम विभाग (आईएमडी) ने तीन से चार दिनों तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है।
आईएमडी के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर फिलहाल पहाड़ों तक सीमित रहेगा, जहां ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं। इसका सीधा प्रभाव मैदानी क्षेत्रों के तापमान पर दिखेगा।
उत्तर-पश्चिम से आने वाली ठंडी और शुष्क हवाओं के कारण नमी में कमी आएगी, जिससे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में कोहरे की तीव्रता एक-दो दिनों में कम हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। ठंडी हवाओं के चलते प्रदूषण और कोहरे में काफी हद तक कमी आने की संभावना है, लेकिन सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा सताएगी।
पंजाब और हरियाणा में नौ जनवरी तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि कुछ इलाकों में रात के समय कोहरा भी छाया रहेगा।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इस समय ठंड सबसे ज्यादा असर दिखा रही है। यहां न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है और कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। छत्तीसगढ़ में आठ जनवरी तक शीतलहर की आशंका जताई गई है।
शुष्क हवाओं का असर उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों पर भी पड़ेगा, जो अभी घना कोहरे से घिरा है। कोहरे से राहत मिल सकती है।
हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में फिलहाल कोहरे से राहत नहीं मिलने वाली है। यहां कोल्ड डे की आशंका है।यानी दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रह सकता है और धूप निकलने में भी परेशानी होगी।
गंगा के मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का असर लंबे समय तक बने रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार बिहार में 12 और झारखंड में सात जनवरी तक घने कोहरे की स्थिति रह सकती है। उत्तराखंड के कई इलाकों में पाला पड़ने लगा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक कोई मजबूत नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में नहीं आ रहा है। ऐसे में ठंडी और सूखी हवाओं का असर जारी रहेगा।
इस बीच अगर कोई अन्य पश्चिमी विक्षोभ नहीं आता है तो दस जनवरी के बाद से मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने और हालात सामान्य होने की संभावना है।
तब तक उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में लोगों को कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे से सतर्क रहने की जरूरत है।