पहाड़ों में बर्फबारी के कारण पर्यटकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हिमाचल के मनाली में सोमवार को भी पांच किमी लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। ट्रैफिक जाम ने कड़ाके की ठंड में भी यहां पर्यटकों का पसीना छुड़ा दिया।
उधर उत्तराखंड के मसूरी और नैनीताल जैसे पर्यटकों स्थलों से लौटते वक्त भी पर्यटकों को कई जगह जाम का सामना करना पड़ा। पर्यटकों को लेकर 40 से अधिक लग्जरी बसें मनाली पहुंची।
16 किमी पहले ही रोकीं दी बस
ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए, उन्हें 16 किमी पहले पतली कूहल में ही रोक दिया गया। सुबह के समय घर वापसी कर रहे पर्यटकों की संख्या भी अधिक रही। इस कारण यहां लंबा जाम लग गया।
अधिकारियों ने बताया कि नेशनल हाईवे-3 को सोलांग नाला तक साफ कर दिया गया है, लेकिन सड़क पर सिर्फ हल्की गाडि़यों को ही जाने की इजाजत दी जा रही है। इस रूट पर बस सेवाएं बाधित हैं और बसें मनाली से लगभग 16 किलोमीटर दूर पतलीकूहल तक ही चल रही हैं।
पैदल चलते दिखे पर्यटक
हालांकि, रविवार से स्थिति सामान्य हो रही है, जब मनाली में 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लगा था, जिसमें सैकड़ों पर्यटक अपने सामान के साथ बर्फीली सड़कों पर पैदल चलते दिखे। बर्फबारी से पहले मनाली पहुंचे पर्यटक अपने होटलों में ही रुके हुए हैं, क्योंकि मुख्य सड़कें बंद हैं।
ट्रैफिक जाम से बढ़ी परेशानी
मनाली से लौट रहे दिल्ली के पर्यटक सचिन व तृप्ता और हरियाणा के प्रदीप व रोशनी ने बताया कि सुबह आठ बजे मनाली से निकलते ही ट्रैफिक जाम में फंस गए। पतली कूहल पहुंचने में चार घंटे लग गए। ट्रैफिक जाम ने उनकी दिक्कत को बढ़ा दिया।
हालांकि, दोपहर बाद भी ट्रैफिक जाम की समस्या जारी रही और वाहन रेंगते रहे। कर्नाटक से परिवार सहित मनाली पहुंचे निश्छल देव दथा ने बताया कि वो वोल्वो बस से सुबह छह बजे पतली कूहल पहुंच गए थे, लेकिन मनाली होटल पहुंचने में उन्हें चार घंटे का समय लग गया। उन्होंने मनाली प्रशासन से आग्रह किया कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु किया जाए।
डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि सुबह के समय आलू ग्राउंड से मनाली के बीच ट्रैफिक जाम लगा था, लेकिन अब वाहनों की गति धीमी जरूर हुई है लेकिन ट्रैफिक को सुचारु कर दिया गया है।
पर्यटकों को मौसम में सुधार होने तक नदियों-झरनों से बचने की सलाह
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 27 जनवरी को भारी बर्फबारी की संभावना जताई है। इसके चलते पतली कूहल-मनाली और मणिकरण-भुंतर सड़कें फिर बंद हो सकती हैं। हिमाचल पुलिस ने पर्यटकों को सलाह दी है कि मौसम की स्थिति में सुधार होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें। ऊंचे पहाड़ी इलाकों या नदियों, झरनों और हिमपात संभावित क्षेत्रों के पास न जाएं।
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड से राहत नहीं
उत्तर भारत में सोमवार को भी कड़ाके की ठंड से राहत नहीं मिली। मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट आई और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में एक बार फिर बारिश और बर्फबारी की आशंका है।
कहां कितना तापमान
राष्ट्रीय राजधानी में सुबह आसमान साफ रहा, लेकिन तापमान में और गिरावट आई। शहर के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन से दो डिग्री से भी अधिक कम है।
दिल्ली में आयानगर सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस था। हरियाणा और पंजाब में ठंड का प्रकोप जारी रहने से हिसार में 2.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
राजस्थान में बारिश की संभावना
ताजा पश्चिमी विक्षोभ 27 जनवरी के दौरान राजस्थान के कुछ हिस्सों को प्रभावित कर सकता है, जिससे हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर डिवीजनों के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।