कर्नाटक के कोप्पल में एक लड़के ने खौफनाक वारदार को अंजाम देते हुए अपने पिता और बहन को मौत की नींद सुला दिया। पुलिस जांच में पता चला कि वह इसलिए परेशान था क्योंकि उसे अपनी पसंद के विषय बायोलॉजी के बजाय कंप्यूटर साइंस पढ़ने के लिए मजबूर किया गया था।
पहले यह खबर आई थी कि ऑनलाइन गेमिंग की लत कम करने की सलाह मिलने पर गुस्से में आकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों ने कानून के दायरे में आए नाबालिग के बयान का हवाला देते हुए बताया कि उसने एसएसएलसी परीक्षा में 90% से ज्यादा अंक हासिल किए थे और प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स में बायोलॉजी को एक विषय के तौर पर चुनने का इच्छुक था।
कम्प्यूटर साइंस पढ़ने के लिए डाला गया दबाव
हालांकि, खबरों के मुताबिक, उसके माता-पिता ने उस पर कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने का दबाव डाला था। सूत्रों ने आगे बताया कि लड़के को फर्स्ट-ईयर पीयू में कंप्यूटर साइंस में सिर्फ 40% मार्क्स मिले थे। उसे इस बात की चिंता थी कि अगर परिवार वालों को उसके परफॉर्मेंस के बारे में पता चला तो उस पर वही सब्जेक्ट पढ़ने का दबाव डाला जाएगा।
जो विषय पसंद नहीं उसे पढ़ने के लिए किया गया मजबूर
पुलिस के सामने दिए अपने बयान में, नाबालिग ने कथित तौर पर बताया कि उसके माता-पिता उसे लगातार पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कह रहे थे, जबकि उसे वह विषय पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा था जो उसे पसंद नहीं था।
मां-बाप और बहन की गर्दन पर किया चाकू से वार
उसने पुलिस को बताया कि उसने पढ़ा था कि गर्दन शरीर का बहुत संवेदनशील हिस्सा होता है और वहां चोट लगने से मौत हो सकती है, इसलिए उसने अपनी बहन, मां और पिता तीनों की गर्दन पर चाकू से वार किया।
लड़के की मां का बल्लारी के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि 6 जून की रात को उसके चाकू मारने से उसके पिता और बहन की मौत हो गई थी।