फ्रांस के एवियन में बुधवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई 16 महीने बाद हुई द्विपक्षीय बैठक में आपसी सहयोग से जुड़े किसी फैसले की घोषणा तो नहीं हुई, लेकिन पिछले एक वर्ष के दौरान रूस से तेल खरीद, भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने एवं पाकिस्तान के साथ संबंध बेहतर करने की वजह से दोनों देशों में आए तनाव पर खुलकर बातचीत हुई।
बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने खास अंदाज में भारत के प्रति मजबूत समर्थन दोहराया और कहा कि भारत पर कोई हमला हुआ तो अमेरिका मदद के लिए पहुंचेगा। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया युद्ध को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही भारतीय नाविकों की सुरक्षा और इस युद्ध की वजह से उन्हें हो रही समस्या का मुद्दा भी उठाया।