अप्रैल 2026 में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में वार्षिक आधार पर 75 प्रतिशत तो इलेक्ट्रिक दोपहिया की बिक्री में 60.73 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
जानकारों का कहना है कि बैट्री को किराये पर देने की नई सेवा को अपनाने से इलेक्ट्रिक कार और दोपहिया, दोनों की बिक्री में तेजी से इजाफा हो रहा है। इसके अलावा चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ने से भी इसे प्रोत्साहन मिल रहा है।
बैट्री एज ए सर्विस (बास) सेवा के जोर पकड़ने से इलेक्ट्रिक कार की बिक्री में और इजाफा की संभावना जताई जा रही है।
इस समय टाटा मोटर्स से लेकर मारुति सुजुकी व कई अन्य कंपनियां इलेक्ट्रिक कार की बैट्री सर्विस के रूप में मुहैया करा रही हैं।
इस सेवा के तहत खरीदारी के दौरान बैट्री का शुल्क नहीं देना पड़ता है, जिससे इलेक्ट्रिक कार की कीमत कम हो जाती है।
बैट्री इस्तेमाल के बदले कंपनियां उसका किराया लेती है। इस किराये की दर सभी कंपनियों की अलग-अलग है। कोई कंपनी तीन रुपये प्रति किलोमीटर तो कोई 3.5 से छह रुपये प्रति किलोमीटर का किराया ले रही हैं।
कार की कीमत में बैट्री की हिस्सेदारी 35-40 प्रतिशत
कार कंपनियों का कहना है कि कार की कुल कीमत में बैट्री की हिस्सेदारी 35-40 प्रतिशत होती है। अगर बैट्री एज ए सर्विस (बास) सेवा लोकप्रिय हुई तो निश्चित रूप से इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में और तेजी आएगी।
टाटा शोरूम के प्रबंधकों ने बताया कि इस सेवा के आरंभ होने के बाद इलेक्ट्रिक कार की बिक्री बढ़ रही है। कई दोपहिया कंपनियां बैट्री स्वैपिंग या बैट्री को किराये पर पहले से दे रही है।
6 प्रतिशत हुई इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी
फेडरेशन ऑफ आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अप्रैल में कार की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक कार की हिस्सेदारी छह प्रतिशत हो गई, जो पिछले साल समान महीने में 3.7 प्रतिशत थी। इस साल मार्च में यह हिस्सेदारी 5.1 प्रतिशत थी।
वैसे ही दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी इस साल मार्च में 9.8 प्रतिशत तक पहुंच गई जो पिछले साल अप्रैल में 5.5 प्रतिशत थी।
भारी उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, अप्रैल में माल ढोने वाले तिपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत हो गई है, जो एक साल पहले 23 प्रतिशत थी।