रूसी हमले से यूक्रेन की राजधानी में तबाही, 9 मंजिला इमारत गिरी; कई लोगों के फंसे होने की आशंका…

पिछले चार साल से ज्यादा समय से रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। संघर्षों से घिरी दुनिया में जहां एक ओर कई देशों के बीच युद्ध शुरू हुए और फिर बात शांति स्थापना तक पहुंची। वहीं दूसरी ओर रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में शांति समझौते की स्थिति या फिर संघर्षविराम की पहल दूर-दूर तक नहीं दिख रही है। 

इसी क्रम में स्थिति और ज्यादा गंभीर तब हो गई, जब गुरुवार तड़के रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन से अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। इस हमले ने यूक्रेन की राजधानी कीव को पूरी तरह से दहला दिया। जानकारी के अनुसार इस हमले में अबतक आठ लोगों की मौत हो गई और 39 लोगों घायल हो गए। 

पहले समझिए गुरुवार की रात कीव में क्या हुआ?

बता दें कि बुधवार देर रात कीव में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इसके कुछ ही देर बाद रूस की तरफ से खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन बरसने लगे। कीव के डेस्न्यान्स्की इलाके में एक 9 मंजिला रिहायशी इमारत पर सीधी मिसाइल गिरी, जिससे उसका एक हिस्सा ढह गया। मलबे में कई लोग फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।

एक साथ कई अपार्टमेंट्स में लगी आग

शहर के बीचों-बीच स्थित एक होटल की छत और कई अपार्टमेंट्स में भीषण आग लग गई। हालांकि हमले की पहले से चेतावनी होने के कारण, कीव के हजारों नागरिक अपने पालतू जानवरों और सोने के बैग के साथ जान बचाने के लिए जमीन के नीचे बने मेट्रो स्टेशनों में छिप गए। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को के अनुसार, इस हमले में कम से कम 11 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें 5 मेडिकल कर्मचारी शामिल हैं।

यूक्रेन ने हमले के लिए रूस को उकसाया?

दरअसल, रूस का यह गुस्सा यूक्रेन के उस बड़े पलटवार का नतीजा है जो उसने कुछ ही घंटे पहले रूस के अंदर घुसकर किया था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि उनकी सेना ने रूस के भीतर तीन बड़े ठिकानों को तबाह किया।

इसमें रूस के उफा में स्थित एक बहुत बड़ी तेल रिफाइनरी, पेन्जा इलाके में रूस का एक सैन्य परिसर (मिलिट्री कॉम्प्लेक्स) और मॉस्को क्षेत्र में रूस का एक सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर शामिल था। जेलेंस्की ने साफ कहा कि पुतिन रुकना नहीं चाहते, इसलिए हमें रूस के सामने ऐसी परिस्थितियां खड़ी करनी होंगी कि उनके लिए युद्ध लड़ना असंभव हो जाए।

अब तक की पूरी कहानी क्या, कितने हताहत?

इस युद्ध में जान-माल का कितना भयानक नुकसान हुआ है, इसका अंदाजा अमेरिका के थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ (CSIS) की ताजा रिपोर्ट से मिलता है। रिपोर्ट के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 

  • इस युद्ध में दोनों देशों को जान-माल का बहुत बड़ा और डराने वाला नुकसान उठाना पड़ा है।
  • अमेरिका के थिंक टैंक ‘CSIS’ की रिपोर्ट बताती है कि इस जंग में रूस के कुल मिलाकर लगभग 14 लाख सैनिक या तो घायल हुए हैं या मारे गए हैं।
  • इन 14 लाख सैनिकों में से करीब 4.5 लाख रूसी सैनिकों की मौत हो चुकी है।
  • दूसरी तरफ, यूक्रेन के भी लगभग 5.2 लाख से लेकर 6.2 लाख के बीच सैनिक घायल या मारे गए हैं।
  • यूक्रेन के इन प्रभावित सैनिकों में से करीब 1.25 लाख से लेकर 1.5 लाख (सवा लाख से डेढ़ लाख) सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है।
  • रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि इतने बड़े पैमाने पर सैनिकों की जान जाने के बावजूद, साल 2026 में रूसी सेना के आगे बढ़ने की रफ्तार बहुत ही धीमी (कमजोर) रही है।

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