दिल्ली-नोएडा से प्रयागराज की दूरी को कम करने वाले बहुप्रतिक्षित गंगा एक्सप्रेसवे काे बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम जनता को सौंप देंगे। 594 किलोमीटर लंबे और 6 लेन वाली गंगा एक्सप्रेस की अनुमानित लागत करीब 36,402 करोड़ रुपये बताई जा रही है। स्मार्ट कंट्रोल रूम वाली सुविधा के साथ इस एक्सप्रेसवे पर ड्राइविंग के दौरान नींद की झपकी आने पर जगाने वाले फीचर का भी ध्यान रखा गया है।
पहली बार ट्रामा सेंटर की भी सुविधा
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत कई जिलों से होकर गुजर रहा है। इससे इन संबंधित जिलों के लोगों को आवाजाही में आसानी तो होगी साथ ही रोजगार के भी नए अवसरों की राह खुलेगी। इस एक्सप्रेसवे पर देश में पहली बार ट्रॉमा सेंटर की सुविधा भी मिलेगी।
कई एक्सप्रेसवे से दूरी करेगा कम
दावा किया जा रहा है कि गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक की दूरी और समय दोनों को आधा कर देगा। जहां पहले यही दूरी तय करने में 10 से 12 घंटे लगते थे। वहीं, अब यह लंबा सफर महज 5 से 6 घंटे में पूरा होगा। इस एक्सप्रेसवे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे एवं नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाले मार्ग को जोड़ रहा है। साथ ही, हरिद्वार की कनेक्टिविटी को भी आसान बनाएगा।
औद्योगिक और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रियों की दूरी को ही कम नहीं करेगा यह रोजगार के अनेक अवसर भी मुहैया कराएगा। इसे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। इसके किनारे 12 औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित करने की योजना है, जिनमें लगभग 47,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।
भविष्य में किया जा सकेगा 8 लेन
यही कारण है कि इसकी चौड़ाई भविष्य में बढ़ृाकर 8 लेन भी की जा सकती है। आशा जताई जा रही है कि इससे उद्योग, कृषि, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्रों को बड़ा फायदा होगा। ऐसे में आने वाले समय में यह आर्थिक ढांचे की रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने का काम करेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। इसमें स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, आपातकालीन सेवाएं, कैमरा निगरानी और एयरस्ट्रिप जैसी सुविधाएं शामिल हैं। यही नहीं शाहजहांपुर में बने 3.5 किमी लंबे रनवे पर आपात स्थिति में लड़ाकू विमान भी उतर सकेंगे। इसीलिए मेरठ, हापुड़, बदायूं, शाहजहांपुर, उन्नाव, प्रयागराज समेत 12 जिलों को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे उद्योग, रोजगार, पर्यटन और आस्था का नया कॉरिडोर गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को विकास के एक्सप्रेसवे पर तेजी से आगे ले जाने वाला प्रोजेक्ट कहा जा रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर कितना लगेगा टोल टैक्स?
गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली गुरुवार 12 बजे से शुरू होने जा रही है। टोल दरें प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय की गई हैं। वाहनों की एंट्री व एग्जिट प्वाइंट के आधार पर फास्टैग से स्वतः कटौती होगी।
- टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और ट्रैक्टर के लिए 1.28 रुपये प्रति किमी
- कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहन के लिए 2.50 रुपये प्रति किमी
- लाइट कॉमर्शियल वाहन, मिनी बस आदि के लिए 4.05 रुपये प्रति किमी
- बस और ट्रक के लिए 8.20 रुपये प्रति किमी
जगह-जगह रंबल स्ट्रिप्स लगाने से क्या है लाभ?
चालक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क पर जगह-जगह रंबल स्ट्रिप्स (उभरी पट्टियां) लगाई गई हैं। ये स्ट्रिप्स वाहन के गुजरते ही कंपन पैदा करती हैं, जिससे यदि चालक को नींद या झपकी आ रही हो तो वह तुरंत सतर्क हो सके और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाए। ऐसे में उम्मीद है कि आए दिन लंबी दूरी तय करते समय नींद या झपकी आने पर होने वाले हादसे इस एक्सप्रेसवे पर नहीं होंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के क्या हैं इंतजाम?
यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पूरे एक्सप्रेसवे पर हर एक किलोमीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे। किसी भी वाहन के रुकने या दुर्घटना होने की स्थिति में तुरंत सूचना मिल जाएगी और संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर सहायता करेगी। इसके अलावा, हर 10 किलोमीटर पर स्पीड मानिटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है।