अहमदाबाद में रविवार को एक नीट-यूजी सेंटर के बाहर उस समय थोड़ी देर के लिए हंगामा हुआ, जब कुछ अभिभावकों ने तलाशी के दौरान ‘कंठी’ (पवित्र धागा) हटाए जाने पर आपत्ति जताई, जबकि हिजाब पहनी छात्राओं को अंदर जाने की अनुमति दी गई थी।
यहां वस्त्रपुर इलाके में एक परीक्षा केंद्र के बाहर कथित तौर पर हंगामा करने वाले एक हिंदू संगठन के दो सदस्यों को थाने ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया।
इन दोनों लोगों को न तो हिरासत में लिया गया और न ही गिरफ्तार किया गया।सहायक पुलिस आयुक्त जयेश ब्रह्मभट्ट ने कहा कि नीट अभ्यर्थियों के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के परिधान संबंधी नियमों को लेकर हुई गलतफहमी की वजह से यह मामला हुआ।
बताया जा रहा है कि परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों ने निर्धारित जांच प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों से कंठी एवं कुछ अन्य चीजें हटाने को कहा।
कुछ अभिभावकों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि हिजाब पहनी छात्राओं को अंदर जाने दिया जा रहा है, जबकि हिंदू छात्रों को कंठी हटाने के लिए कहा जा रहा है।
एआइएमआइएम और एक हिंदू संगठन के सदस्य परीक्षा केंद्र के बाहर जमा हो गए, जिससे कुछ देर के लिए तनाव बढ़ गया। पुलिस ने बीच-बचाव किया तथा दोनों समूहों एवं अभिभावकों को एनटीए के दिशा-निर्देशों के बारे में समझाया।
राजस्थान के अजमेर में बुर्का पहनकर आई एक छात्रा कुलसुम बानो ने आरोप लगाया कि उसे परीक्षा केंद्र में घुसने नहीं दिया गया। हालांकि, एनटीए ने स्पष्ट किया कि छात्रा को सेंटर में प्रवेश करने दिया गया था।
अबू धाबी में सेंटर आवंटित किए गए छात्र ने नागपुर में दी परीक्षा
अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने से चर्चा में आया छात्र रविवार को नागपुर के एक सेंटर पर नीट-यूजी में शामिल हुआ। इससे एक दिन पहले खबर आई थी कि उसे संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है। मामला सामने आने के बाद एनटीए ने शनिवार को छात्र को नागपुर का पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्र के तौर पर आवंटित किया।
इंटरनेट मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया था। परीक्षा से पहले छात्र के पिता मोहम्मद तालिब ने कहा कि उनका बेटा घबराया हुआ है। हालांकि, एक बार जब वह परीक्षा में बैठ जाएगा, तो धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा।