अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोमवार को अमेरिका में भारत-विरोधी बयानबाजी बढ़ने के आरोपों को कम करके दिखाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। रूबियो की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब रविवार को एक पत्रकार के सवाल के जवाब का उनका वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
रिपोर्टर ने यह सवाल अमेरिका में भारतीयों के साथ नस्लभेदी घटनाओं के संदर्भ में पूछा था। हालांकि रिपोर्टर ने इस बात को स्पष्ट नहीं किया था, लेकिन कई लोगों ने उनके सवाल को ट्रंप की उन टिप्पणियों से जोड़कर देखा, जिनमें उन्होंने भारत और चीन को नरक बताया था।
सोमवार सुबह मीडिया से वार्ता में इस विवाद पर बात करते हुए रूबियो ने किसी भी तरह की व्यवस्थागत शत्रुता की बात को सिरे से खारिज किया और भारत के प्रति अमेरिकी प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया।
ट्रंप भारत के बहुत बड़े प्रशंसक- रूबियो
उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति भारत के बहुत बड़े प्रशंसक हैं, प्रधानमंत्री मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। अगर राष्ट्रपति नहीं चाहते तो मैं यहां नहीं आता। वह सर्जियो गोर जैसे किसी व्यक्ति को राजदूत बनाकर नहीं भेजते, जो राष्ट्रपति के बेहद करीब हैं।” उन्होंने दोहराया कि हर देश में लोग बेवकूफी भरी बातें कहते हैं।
होर्मुज खोलने के लिए वार्ता में हुई प्रगति
रूबियो ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के साथ होर्मुज स्ट्रेट फिर खोलने के लिए वार्ता में काफी प्रगति की है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप अभी भी सतर्क रवैया अपनाए हुए हैं और किसी भी खराब समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब संकेत मिल रहे थे कि अमेरिका-ईरान व्यापक शांति समझौते से पहले होर्मुज को फिर खोलने के लिए प्रारंभिक समझौते पर विचार कर रहे हैं।