शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों के सत्यापन की प्रक्रिया जिले में आज से शुरू हो गई है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) की टीम 23 से 29 मार्च तक निजी स्कूलों द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए गए सीट विवरण और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी की जा सके।
कितने स्कूलों ने जमा किया डेटा?
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले के 94 प्रतिशत से अधिक निजी स्कूलों ने सीटों का विवरण पोर्टल पर जमा कर दिया है। गुरुग्राम के कुल 583 निजी स्कूलों में से 549 स्कूलों ने अंतिम रूप से डेटा सबमिट कर दिया है, जबकि 34 स्कूल अब भी अंतिम सबमिशन से पीछे हैं। विभाग ने इन स्कूलों को शीघ्र डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
संबंधित स्कूलों से होगा जवाब तलब
विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल फार्म भरना या डेटा अनलॉक करना सबमिशन नहीं माना जाएगा, बल्कि फाइनल सबमिट के बाद ही जानकारी मान्य होगी।
सत्यापन के दौरान विभागीय टीम स्कूलों द्वारा दर्शाई गई सीटों की संख्या, प्रवेश कक्षाओं की स्थिति, मान्यता प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का मिलान कर रही है।
यदि किसी स्कूल द्वारा सीटों की संख्या कम दिखाई जाती है या नियमों के अनुरूप जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो संबंधित स्कूलों से जवाब तलब किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। इसके आधार पर अभिभावक निर्धारित तिथि के अनुसार अपने बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे।