केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने शनिवार को कहा कि जनगणना के बाद भारत में मुस्लिम आबादी लगभग इंडोनेशिया के बराबर होने की संभावना है।
अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, ”चाहे किसी भी समुदाय के लोगों की संख्या कितनी भी हो, सभी भारतीय हैं।”
वहीं, पारसी समुदाय की घटती आबादी पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि देश में उनकी संख्या लगभग 52,000 से 55,000 के बीच है।
उन्होंने कहा कि पारसी भारत का सबसे छोटा अल्पसंख्यक समुदाय है और सरकार उनकी सुरक्षा और संख्या में और कमी न आने देने के लिए काम कर रही है।
रिजीजू ने देश में अल्पसंख्यकों के खतरे में होने के दावों को भी खारिज करते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक संगठन मुसलमानों और ईसाइयों में भय पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि संविधान के समक्ष सभी नागरिक समान हैं और किसी के साथ धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता है।
उन्होंने कहा, ”सरकार हर समुदाय को महत्व देती है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदर्श वाक्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ का पालन करती है, जिसे तीसरे कार्यकाल में ‘सबका विश्वास’ और ‘सबका प्रयास’ के साथ और मजबूत किया गया है।”