देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में शामिल महाराष्ट्र में इन दिनों किसानों का हाल-बेहाल है। संभाजीनगर, नासिक, बीड और पुणे सहित महाराष्ट्र के अन्य प्याज उगाने वाले जिले में किसानों को प्याज की कीमत ₹1 प्रति किलो से भी कम मिली है। किसानों ने बताया कि प्याज की लागत ही कम से कम ₹20 किलो है, ऐसे में जो भाव मिल रहा है वो किसानों को तोड़ कर रख देने वाला है।
महाराष्ट्र में प्याज की गिरी कीमतों के बीच किसानों की नाराजगी भी देखने को मिली, जिसके बाद राज्य के प्रतिनिधि मंडल ने गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर प्याज और गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी सुनाई है।
किसानों के लिए बड़ा फैसला
महाराष्ट्र में कई किसानों को प्याज के दाम इतने कम मिले की सारी कटौतियों के बाद करीब 50 पैसे प्रति किलो का भाव मिला। इसके बाद राज्य में कई जगह किसानों ने नाराजगी जताई और प्रदर्शन किया। किसानों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक की और महाराष्ट्र के चीनी सहकारी क्षेत्र और प्याज किसानों को प्रभावित करने वाले कई मुद्दों को गंभीरता से उठाया। साथ ही मूल्य निर्धारण, इथेनॉल आवंटन और खरीद सुधारों पर केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
NAFED और NCCF किसानों से करेंगे प्याज की खरीद
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी दी है कि बैठक में किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए, प्याज की सीधी खरीद के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि NAFED और NCCF द्वारा व्यापारियों की बजाय सीधे किसानों से खरीददारी की जाएगी। साथ ही, प्याज के निर्यात पर कोई प्रतिबंध या अतिरिक्त शुल्क ना लगाने का भी आश्वासन दिया गया है।
उन्होंने ये भी कहा कि 2 लाख टन के बजाय 10 लाख टन प्याज खरीदने का फैसला हो सकता है। प्याज के बीजों के बड़े पैमाने पर निर्यात को रोकने के लिए भारी निर्यात शुल्क लगाने की मांग भी मान ली गई है। इस ऐलान के बाद प्याज किसानों को राहत की उम्मीद है।