Reliance दे रही बड़ा मौका: बिना ज्यादा मेहनत के कमाई का अवसर! 24 अप्रैल की तारीख जरूर याद रखें…

मार्केट कैपिटल के लिहाज से भारत की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries Q4 Results) ने FY26 की Q4 के नतीजे पेश करने वाली तारीख का एलान कर दिया है। इतना ही नहीं, मुकेश अंबानी की यह कंपनी निवेशकों को डिविडेंड देने की भी योजना बना रही है।

डिविडेंड देने का यह फैसला पिछले दो सालों में कंपनी की तरफ से प्रति शेयर ₹15.50 का डिविडेंड और 1:1 बोनस शेयर जारी करने के बाद उठाया जा सकता है। खास बात ये है कि यह Reliance का 2026 का पहला डिविडेंड भी होगा।

कब होगी रिलायंस के बोर्ड की मीटिंग?

अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में, रिलायंस ने एलान किया है कि इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक मीटिंग 24 अप्रैल, 2026 को तय की गयी है। उस बैठक में 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के लिए कंपनी के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों पर विचार किया जाएगा और उन्हें मंजूरी दी जाएगी।

डिविडेंड पर होगा फैसला

Q4 नतीजों के अलावा, Reliance का बोर्ड 24 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इक्विटी शेयरों पर डिविडेंड देने पर भी विचार करने की योजना बना रहा है। डिविडेंड पर फैसले के बाद, रिकॉर्ड डेट, एक्स-डेट और पेमेंट डेट की घोषणा बाद में की जाएगी।
ध्यान रहे कि डिविडेंड के लिए बस आपको रिकॉर्ड डेट से पहले कंपनी के शेयर खरीदने होते हैं और अकाउंट में डिविडेंड का पैसा आ जाता है। 

कैसा रहा है डिविडेंड रिकॉर्ड?

पिछले दो सालों में Reliance का डिविडेंड देने का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। कंपनी ने अगस्त 2025 में FY25 के लिए निवेशकों को प्रति शेयर ₹5.50 का डिविडेंड दिया, और उससे पहले अगस्त 2024 में FY24 के लिए प्रति शेयर ₹10 तक का डिविडेंड दिया था।
लेकिन साल 2024 में, Reliance ने निवेशकों को 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर भी दिए गए थे। इसके तहत, जो शेयरहोल्डर इसके लिए एलिजिबल थे, उन्हें अपने मौजूदा 1 इक्विटी शेयर पर 1 मुफ्त शेयर मिला।

कैसे रह सकते हैं नतीजे?

जहां तक कंपनी के तिमाही नतीजों की बात है तो अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान, Reliance अपने रिटेल और टेलीकॉम कारोबार में स्थिर प्रदर्शन दर्ज करेगी, और अस्थिर माहौल के बावजूद उसके EBITDA में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

माना जा रहा है कि रिलायंस कंसोलिडेटेड EBITDA में सालाना आधार पर 10% की स्थिर बढ़त दर्ज कर सकती है, जबकि स्टैंडअलोन आंकड़ा 18% तक बढ़ सकता है।

पिछली तिमाही के नतीजे कैसे रहे थे?

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में, RIL ने ₹18,645 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो कि FY25 की तीसरी तिमाही में ₹18,540 करोड़ के मुक़ाबले 0.6% ज्यादा था। वहीं तिमाही में ऑपरेशन से इसका रेवेन्यू ₹2,93,829 करोड़ रहा था, जो FY25 की तीसरी तिमाही के ₹2,67,186 करोड़ के रेवेन्यू से 9.97% ज्यादा रहा था, और Q2FY26 के ₹2,83,548 करोड़ से 3.63% ज्यादा था।

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