भारत और स्लोवाकिया के संबंधों को मिला व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा, रक्षा, व्यापार समेत 11 अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर…

भारत और स्लोवाकिया ने सोमवार को अपने रिश्तों को व्यापक साझेदारी का दर्जा देने का फैसला किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री राबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद माइग्रेशन, डिजिटल टेक्नोलाजी और रक्षा जैसे कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

जल्द से जल्द लागू होगा एफटीए

दोनों नेता भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में काम करने पर भी सहमत हुए, जिससे दिपक्षीय आर्थिक संबंधों को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी यूरोप की एक हफ्ते की यात्रा पर ब्रातिस्लावा में हैं। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है। मीडिया को दिए बयान में उन्होंने कहा कि उन्होंने और फिको ने रिश्तों को “नई दिशा” देने के तरीकों पर चर्चा की।

दोनों नेता ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए, ताकि परमाणु ऊर्जा एवं और भू-तापीय ऊर्जा समेत ऊर्जा के स्रोतों में विविधता के जरिये ऊर्जा सुरक्षा, सततता और लचीलेपन को बढ़ावा दिया जा सके।

रक्षा सहयोग दोनों पक्षों के बीच गहरे आपसी भरोसे और रणनीतिक मिलाप

मोदी ने कहा, “हमारी क्षमता काफी व्यापक है। हमारी उम्मीदें और भी बड़ी हैं। ऑटोमोबाइल, रेलवे, अत्याधुनिक विनिर्माण और हरित प्रौद्योगिकी हमारे लिए खास रुचि के क्षेत्र हैं। आज हमने इन सभी मुद्दों पर अपनी ताकत को जोड़ा और दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए कई अहम फैसले लिए।”

मोदी ने कहा कि भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा सहयोग दोनों पक्षों के बीच गहरे आपसी भरोसे और रणनीतिक मिलाप का सुबूत है।

दोनों नेताओं की बातचीत के बाद रक्षा सहयोग के आशय पत्र को अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के रक्षा उद्योग के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी। मोदी ने कहा, “भारत और स्लोवाकिया वैश्विक मंचों पर भी करीबी तालमेल के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि सभी विवादों एवं तनावों का शांतिपूर्ण समाधान होना चाहिए।

हम इस पर भी सहमत हैं कि 21वीं सदी की सच्चाइयों व चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं को खुद को पुनर्परिभाषित करने की जरूरत है। हम इस बारे में वैश्विक प्रयासों को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।”

उन्होंने एक पोस्ट में बताया कि स्लोवाकिया के एक विश्वविद्यालय में एआइ पर ‘इंडिया चेयर’ स्थापित की जा रही है।मोदी-फिको वार्ता के बाद हुए समझौतों से श्रमिकों के माइग्रेशन, रक्षा, डिजिटल टेक्नोलाजी, उच्च शिक्षा और क्वांटम कम्युनिकेशन के क्षेत्र गहरे द्विपक्षीय सहयोग में मदद मिलेगी। संयुक्त बयान के मुताबिक, मोदी और फिको ने बहुदेशीय संस्थाओं, खासकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बड़े सुधारों का समर्थन किया।

सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए स्लोवाकिया का समर्थ

इस मामले में भारत ने सुधार के बाद विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए स्लोवाकिया के लगातार समर्थन की सराहना की।

दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत की बढ़ती भू-राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी अहमियत को महत्व देते हुए पारस्परिक लाभप्रद सहयोग, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, खुला अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आवाजाही की आजादी और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत-स्लोवाकिया के बीच एक मजबूत साझेदारी की अहमियत को स्वीकार किया।

दोनों नेताओं ने पहलगाम आतंकी हमले सहित सीमापार आतंकवाद और सभी तरह के आतंकवाद की स्पष्ट निंदा की। वे आतंकवाद के विरुद्ध एक संयुक्त कार्यसमूह बनाने पर भी सहमत हुए एवं आतंकवाद से बड़े पैमाने पर और लगातार लड़ने के लिए मिलकर अंतरराष्ट्रीय प्रयास करने की अपील की।

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