उम्मीद पोर्टल पर 7.99 लाख वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण हो चुका है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सात अगस्त को उम्मीद सेंट्रल पोर्टल-2025 पर 7.99 लाख वक्फ संपत्तियों के पजीकरण का काम पूरा हो गया है।
पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों की जानकारी अपलोड करने की प्रक्रिया पिछले साल शुरू हुई थी। तब से उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 1.52 लाख वक्फ़ संपत्तियों और बंगाल में 1.31 लाख वक्फ संपत्तियों के विवरण पोर्टल पर दर्ज किए जा चुके हैं। दिल्ली का वक्फ बोर्ड पोर्टल पर 3,233 संपत्तियों को अपलोड कर चुका है।
जिन दूसरे वक्फ बोर्डों के पास बड़ी संख्या में लिस्टेड प्रॉपर्टीज हैं, उनमें केरल (79,929), महाराष्ट्र (71,947), तेलंगाना (63,982) और कर्नाटक (58,846) शामिल हैं।
दिल्ली वक्फ बोर्ड ने सरकारी दस्तावेज दिखाते हुए पोर्टल पर 3,233 प्रॉपर्टीज की जानकारी अपलोड करने का काम पूरा कर लिया है।
मंत्रालय के दस्तावेजों के अनुसार, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में 7 अगस्त तक सबसे कम, यानी सिर्फ 2 वक्फ प्रॉपर्टीज लिस्ट की गई हैं।
वक्फ बनाने वालों को सबसे ज़्यादा प्रॉपर्टीज महाराष्ट्र में वापस की गई हैं, जिनकी संख्या 9,292 है। सरकारी दस्तावेज के मुताबिक, अब तक केरल में 4,418 और गुजरात में 3,198 प्रॉपर्टीज वक्फ बनाने वालों को वापस की जा चुकी हैं।
इससे पहले, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा को अपने उत्तर में सूचित किया कि एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास (यूएमईडी) अधिनियम, 1995 की धारा 3(क) के अनुसार, जैसा कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 द्वारा संशोधित किया गया है, वक्फ का विवरण अपलोड करने, नए वक्फ के पंजीकरण और वक्फ संपत्तियों के समग्र प्रबंधन और शासन को पारदर्शी रूप से सुगम बनाने के लिए यूएमईडी केंद्रीय पोर्टल-2025 विकसित किया गया था और 6 जून, 2025 को लॉन्च किया गया था।