प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
2 अक्टूबर, गुरुवार को दशहरा का पर्व मनाया जाएगा।
यह त्योहार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार अच्छाई की जीत और बुराई के अंत का प्रतीक माना जाता है।
दशहरा के दिन शुभ मुहूर्त में अपराजिता पूजन व शस्त्र पूजा की जाती है। शाम के समय शुभ मुहूर्त में लंकापति रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है। जानें पंडित जी से रावण दहन का शुभ मुहूर्त।
शस्त्र पूजन का शुभ मुहूर्त: हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह की दशमी तिथि 1 अक्टूबर को शाम 07 बजकर 01 मिनट पर शुरू हो चुकी है और तिथि का समापन 2 अक्टूबर को शाम 07 बजकर 10 मिनट पर होगा। शस्त्र पूजन का शुभ मुहूर्त 02 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 21 मिनट से दोपहर 03 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। पूजन की अवधि 02 घंटे 22 मिनट की है।
दशहरा पूजन का शुभ मुहूर्त: दशहरा पूजन का शुभ मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 09 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
रावण दहन का शुभ मुहूर्त 2025: दशहरा या विजयादशमी पर रावण दहन प्रदोष काल में किया जाता है। प्रदोष काल का समय सूर्यास्त के बाद प्रारंभ होता है।
ज्योतिषाचार्य नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, रावण दहन का शुभ मुहूर्त शाम 06 बजकर 06 मिनट से शाम 07 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।
दशहरे के दिन किसकी पूजा की जाती है: हिंदू धर्म में दशहरा या विजयादशमी का दिन अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन मां दुर्गा, भगवान श्रीराम और शस्त्रों की पूजा की जाती है।
दशहरे पर बन रहे शुभ योग: इस बार दशहरे पर सुकर्मा व धृति योग का शुभ संयोग बन रहा है।
सुकर्मा योग 2 अक्तूबर को रात 11 बजकर 29 मिनट तक रहेगा और इसके बाद धृति योग शुरू होगा। ज्योतिष शास्त्र में ये दोनों योग की शुभ व कल्याणकारी माने गए हैं।