Ram Navami 2026: राम नवमी पर ‘शोभन’ सहित कई दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं। इस विशेष मुहूर्त में पूजा-अर्चना करने से बाधाएं दूर होकर कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है…

प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131

वैदिक पंचांग के अनुसार, गुरुवार 26 मार्च को रामनवमी है।

यह पर्व हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाया जाता है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि त्रेता युग में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर भगवान श्रीराम का अवतरण हुआ था।

इसके लिए हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर भगवान श्रीराम का अवतरण दिवस मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भक्ति भाव से भगवान श्रीराम की पूजा की जाती है।

ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि यानी भगवान श्रीराम के अवतरण दिवस पर शुभ समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं।

इन योग में भगवान श्रीराम की पूजा करने से साधक पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की कृपा बरसेगी। आइए, रामनवमी का शुभ मुहूर्त और संयोग जानते हैं-

राम नवमी शुभ मुहूर्त

  • नवमी तिथि प्रारंभ- 26 मार्च को दिन में 11 बजकर 48 मिनट पर
  • नवमी तिथि समापन- 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर

कब है रामनवमी?

हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक चैत्र नवरात्र मनाया जाता है। इस दौरान जगत की देवी मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा की जाती है।

चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि पर भगवान श्रीराम का अवतरण दिवस भी मनाया जाता है। इस साल तिथि गणना से गुरुवार 26 मार्च को रामनवमी (Lord Rama Puja Rituals) मनाई जाएगी।

शोभन योग

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर शोभन योग का दुर्लभ संयोग संपूर्ण रात्रि तक है। ज्योतिष शोभन योग को शुभ मानते हैं। इस योग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलेगी।

सर्वार्थ सिद्धि योग

रामनवमी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग है। इस योग का निर्माण शाम 04 बजकर 19 मिनट से है, जो पूर्ण रात्रि तक है। इस समय में भगवान श्रीराम की पूजा करने से सभी प्रकार के शुभ कामों में सिद्धि मिलेगी।

रवि योग

रामनवमी के दिन रवि योग का भी निर्माण हो रहा है। इस योग का संयोग शाम 04 बजकर 19 मिनट से है, जो पूर्ण रात्रि तक है। इस समय में भगवान श्रीराम की पूजा करने से आरोग्यता का वरदान मिलेगा।

शिववास योग

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर शिववास योग का भी संयोग बन रहा है। शिववास योग का संयोग दिन में 11 बजकर 48 मिनट से हो रहा है। इस योग में ही भगवान श्रीराम का अवतरण होगा। इस योग में भगवान श्रीराम की पूजा करने से साधक पर न केवल मर्यादा पुरुषोत्तम, बल्कि सदाशिव की भी कृपा बरसेगी।

कब करें भगवान राम की पूजा?

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी यानी राम नवमी के दिन पूजा के समय शुभ समय सुबह 11 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 41 मिनट तक पूजा का शुभ समय है। वहीं, दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर मध्याह्न बेला अति उत्तम है। इस समय में भगवान श्रीराम का अवतरण होगा। इस दौरान भक्ति भाव से भगवान श्रीराम की पूजा कर सकते हैं।

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