रायपुर : रामसागर का पक्का घर का सपना हुआ साकार-प्रधानमंत्री आवास योजना से…

मनरेगा से मिला रोजगार से संबल

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य योग्य ग्रामीण और शहरी गरीबों को पक्का मकान प्रदान करना है। वित्तीय सहायता (सब्सिडी) सीधे बैंक खातों में दी जाती है। यह योजना सभी के लिए घर सुनिश्चित करती है।  शासन इस जनकल्याणकारी योजना समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचकर उनके जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं तथा आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

         प्रधानमंत्री आवास योजना ने ग्राम पंचायत बराहनगर जनपद पंचायत रामचंद्रपुर जिला बलरामपुर  के निवासी रामसागर के जीवन में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक परिवर्तन लाया है। वर्षों से कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाले रामसागर का पक्का और सुरक्षित घर का सपना अब साकार हो चुका है। वर्ष 2024-25 में योजना के अंतर्गत आवास की स्वीकृति मिलने के साथ ही उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ। इसके बाद उन्होंने पूरे उत्साह, दृढ़ संकल्प और मेहनत के साथ अपने घर के निर्माण कार्य को प्रारंभ किया और निरंतर प्रयासों से उसे पूर्ण रूप दिया।

           शासन से प्राप्त आर्थिक सहायता के साथ-साथ श्री रामसागर ने स्वयं भी मेहनत कर अपने आशियाने को पूर्ण रूप दिया। आज उनका परिवार पक्के मकान में सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहा है। पूर्व में कच्चे घर में रहने के कारण विशेषकर वर्षा ऋतु एवं अन्य प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, किंतु अब उनका परिवार सुरक्षित और सुखद वातावरण में निवास कर रहा है।

          आवास निर्माण के दौरान श्री रामसागर को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 90 दिवस का रोजगार भी प्राप्त हुआ। इस रोजगार से उन्हें आर्थिक रूप से संबल मिला, जिससे निर्माण कार्य में निरंतरता बनी रही और उन्हें अतिरिक्त आय का भी लाभ प्राप्त हुआ। श्री रामसागर ने प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मनरेगा के माध्यम से मिली सहायता के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने उनके जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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