रायपुर : प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना – न बिल की चिंता न कटौती का डर…

आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का मुंगेली जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रत्येक घर की छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कर स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई यह योजना आम नागरिकों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। इससे न केवल बिजली बिल के बोझ से राहत मिल रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित हो रहा है।

विकासखंड लोरमी निवासी अशोक जायसवाल इस योजना के तहत अपने आवास की छत पर 02 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया है। जायसवाल ने बताया कि पूर्व में उनके घर में विद्युत आपूर्ति अनियमित रहती थी तथा बिजली बिल भी अपेक्षाकृत अधिक आता था। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने विद्युत विभाग से संपर्क कर आवेदन दिया। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत उन्हें निर्धारित सब्सिडी पर सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए तथा अल्प अवधि में ही उनके घर की छत पर सिस्टम स्थापित कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में वे अपनी आवश्यकतानुसार विद्युत की पूर्ति स्वयं की सौर ऊर्जा से कर रहे हैं। अब उन्हें न तो बिजली बिल की चिंता है और न ही बिजली कटौती का भय। नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति से उनके परिवार को पर्याप्त सुविधा मिल रही है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने पर केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा अधिकतम 1 लाख 08 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 01 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सिस्टम पर 45 हजार रुपये, 02 किलोवाट पर 90 हजार रुपये तथा 03 किलोवाट पर 1 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। इसके अतिरिक्त, हितग्राहियों की सुविधा हेतु कम ब्याज दर पर बैंक वित्तपोषण एवं आसान किश्तों की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जा रही है।

जिले में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है तथा स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना निश्चित रूप से सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हो रही है।

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