देशभर में लंबी दूरी की यात्राओं के लिए सरकार ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके तहत 260 ट्रेनसेट के निर्माण की योजना है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।रेल मंत्रालय ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर जैसी ट्रेनों के विकास की प्रक्रिया में एक समग्र ष्टिकोण की आवश्यकता होती है, जिसमें तकनीकी नवाचार, रणनीतिक योजना और उत्पादन का समन्वय होता है ताकि सुरक्षित, भरोसेमंद और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
इसमें प्रोटोटाइप का विकास, व्यापक परीक्षण शामिल होते हैं, जिसके बाद उत्पादन किया जाता है। मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यक्रम को बीईएमएल, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई और तकनीकी साझेदारों द्वारा लागू किया जा रहा है।
ट्रेनों की सफाई के लिए नहीं लिया जाता यात्रियों से शुल्क
प्रेट्र के अनुसार, रेल मंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि कंफर्म और तत्काल टिकट रद करने पर यात्रियों से होने वाली आमदनी को अलग नहीं रखा जाता है।
जबकि उन्होंने एक अन्य प्रश्न पर लोकसभा में बताया कि भारतीय रेल ने स्टेशनों और ट्रेनों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए बजट में विशेष प्रविधान रखे हैं और स्वच्छता प्रदान करने के लिए यात्री किराये में कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। वैष्णव ने यात्री डिब्बों में शौचालय की साफ-सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे की तरफ से अपनाए गए उपायों के बारे में पूछे गए प्रश्न के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।