राहुल गांधी आज इंदौर में दूषित पेयजल पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात, कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में आंदोलन की तैयारी…

दूषित पेयजल से 24 लोगों की मौत और 3300 से अधिक लोगों के बीमार होने के मामले में प्रभावित परिवारों का हाल जानने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचेंगे।

वह अस्पताल में भर्ती बीमार लोगों का हाल जानने के साथ ही प्रभावित भागीरथपुरा क्षेत्र में मरने वाले लोगों के घर जाकर उनके स्वजन से मुलाकात करेंगे।

पीड़ित परिवारों से मिलवाने के लिए कांग्रेस ने प्रशासन को चार घरों की सूची दी, लेकिन शुक्रवार शाम तक असमंजस बना रहा कि वे सभी घरों तक पहुंच पाएंगे या नहीं।

दरअसल, भागीरथपुरा की संकरी गलियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

सीआरपीएफ और अन्य एजेंसियों ने सुरक्षा कारणों से अंदर जाने पर आपत्ति जताई है। किसी आपात स्थिति में कारकेड को तेजी से बाहर निकालने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।

हालांकि, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जरूरत पड़ी तो राहुल गांधी पैदल चलकर भी पीडि़तों के घरों तक जाएंगे।

इस बीच, भागीरथपुरा कांड को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी की है। राहुल गांधी की इंदौर यात्रा के साथ ही 17 जनवरी को मध्य प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस उपवास करेगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राहुल गांधी शनिवार को सुबह 11 बजे विशेष विमान से इंदौर पहुंचेंगे और एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के बाद 11:45 बजे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती बीमार लोगों का हाल जानने के बाद 12.45 बजे भागीरथपुरा बस्ती पहुंचेंगे।

यहां एक घंटे प्रभावित लोगों से मुलाकात करने के बाद दोपहर 1.45 बजे लौट जाएंगे। बताया गया है कि राहुल ने छह माह के आव्यान के परिवार से मिलने की विशेष इच्छा जताई है।

सुमित्रा महाजन बोलीं- विपक्ष में थे तो हम भी विरोध करते थे

राहुल गांधी की यात्रा से एक दिन पहले शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के इंदौर स्थित निवास पहुंचे।

पटवारी ने बताया कि वह ताई से मार्गदर्शन लेने आए हैं। इस दौरान महाजन ने कहा कि जब उनकी पार्टी विपक्ष में थी, तब वे भी विरोध करती थीं।

विरोध जरूरी है, लेकिन समाधान निकालना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि दूषित जल समस्या के समाधान के लिए आइआइटी, आइआइएम और एसजीएसआइटी जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद ली जा सकती है।

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