मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल में चूहामार दवा खाने के बाद भर्ती कराए गए मरीज को डाक्टर ने पेट साफ करने के नाम पर मिनरल वाटर चढ़ा दिया।
इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित होने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ ने संबंधित डाक्टर भरत कुमार संत और स्टाफ नर्स को नोटिस जारी किया है। मामला पुलिस थाने तक भी पहुंचा है।
पुलिस ने बताया कि संयुक्त कलेक्टर के निजी वाहन चालक कपूर यादव के पुत्र सत्यम यादव (18) ने बुधवार को चूहामार दवा खा ली थी। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया। उसका इलाज हाल ही में पदस्थ हुए डॉ. भरत कुमार संत कर रहे थे।
डॉक्टर ने तर्क दिया कि मरीज का पेट साफ करने के लिए मिनरल वाटर का उपयोग किया गया था। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जहर खाने के मामलों में पेट साफ करने के लिए मेडिकल ग्रेड का नार्मल सलाइन या विशेष घोल का ही उपयोग किया जाता है।
मिनरल वाटर में मौजूद मिनरल्स और बैक्टीरिया मरीज के लिए और खतरनाक साबित हो सकते हैं। हालांकि युवक स्वस्थ हो गया और उसे घर भेज दिया गया है।
सीएमएचओ को संबंधितों के विरुद्ध नोटिस जारी करने और आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन मंगाया है। इलाज से लेकर वीडियो बनाने और बहुप्रसारित कराने तक के मामले की जांच कराई जा रही है। प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है। -अंजू पवन भदौरिया, कलेक्टर डिंडौरी।