छत्तीसगढ़ में खाकी पर सवाल: किशोरी को गर्भवती बताकर रातभर थाने में मारपीट का आरोप, दो पुलिसकर्मी निलंबित…

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही व पुलिस की अमानवीयता का खामियाजा एक किशोरी को भुगतना पड़ा। जहां गलत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर गर्भवती बताकर एक 14 वर्षीय किशोरी को कथित तौर पर रातभर थाने में पीटा गया।

इस मामले में शनिवार को निरीक्षक अरुण कुमार नामदेव और महिला प्रधान आरक्षक जयश्री सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

वहीं, गलत रिपोर्ट देने के आरोप में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल अफसर डा. मौन्या साहू को हटा दिया गया है।

बता दें कि किशोरी को तीन बार प्रेग्नेंसी टेस्ट में पाजिटिव बताया गया, जबकि चौथी बार जिला अस्पताल में हुई जांच में रिपोर्ट नेगेटिव आई।

25 मई को पेट दर्द की शिकायत पर किशोरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, जहां जांच में उसे गर्भवती बताया गया।

इसके बाद किशोरी और उसके परिवार को घर जाने दिया गया। लेकिन रात 10 बजे पुलिस किशोरी को जन्मदिन की पार्टी से उठाकर थाने ले आई और पूरी रात वहां बिठाए रखा। इसके साथ ही गांव में झूठी बातें फैलाकर परिवार को अपमानित भी किया गया।

पुलिस ने किशोरी से सुबह पांच बजे तक पूछताछ की। स्वजन का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। महिला कांस्टेबल द्वारा किशोरी का गला दबाने, गाली-गलौच और मारपीट करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

दूसरे दिन राजनांदगांव जिला अस्पताल की जांच में उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। चिकित्सकों ने जांच में उसके गले में सूजन बताई है, जो कि गला दबाने की वजह से हुई है। एएसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि महिला आरक्षक पर लगे आरोपों की जांच डीएसपी स्तर पर कराई जा रही है।

प्रेग्नेंसी किट की होगी जांच

गलत जांच रिपोर्ट ने प्रेग्नेंसी किट की खरीद प्रक्रिया और उसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि संबंधित फर्म से खरीदी गई प्रेग्नेंसी किट में तकनीकी खामी हो सकती है।

इसी संदेह के आधार पर औषधि प्रशासन विभाग ने किट का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है। अब लैब परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद ही किट की गुणवत्ता और कथित गड़बड़ी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *