पूर्णिमा व्रत: वट सावित्री पूर्णिमा व्रत की विधि, जानें पूजन के शुभ और चौघड़िया मुहूर्त…

प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131

हिंदू धर्म में वट सावित्री पूर्णिमा व्रत का विशेष महत्व है।

यह व्रत सुहागिन स्त्रियां पति की लंबी आयु व सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के लिए करती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को वट सावित्री पूर्णिमा व्रत किया जाता है।

इस साल वट सावित्री पूर्णिमा व्रत 10 और 11 जून 2025, दोनों दिन किया जाएगा।

इस व्रत में वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना की जाती है। अगर आप 10 जून को वट सावित्री पूर्णिमा व्रत करने वाली हैं, तो जानें वट सावित्री पूर्णिमा व्रत पूजा विधि व पूजन मुहूर्त-

वट सावित्री पूर्णिमा व्रत पूजन विधि- वट सावित्री पूर्णिमा व्रत के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद वट वृक्ष के पास जाकर विधिवत पूजा-अर्चना करें।

पूजा के बाद कच्चा सूत लपेटकर वट वृक्ष की परिक्रमा करें। पूजा के बाद महिलाएं सावित्री व सत्यवान की कथा पढ़ती या सुनती हैं। मान्यता है कि वट सावित्री पूर्णिमा व्रत करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

10 जून को वट सावित्री पूर्णिमा पर बन रहे पूजन के ये शुभ मुहू्र्त- वट सावित्री पूर्णिमा पर पूजन का अभिजित मुहूर्त सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा। पूजन का विजय मुहूर्त 02:40 से दोपहर 03:36 बजे तक रहेगा। पूजन के अमृत काल का समय सुबह 06:32 से सुबह 08:18 बजे तक रहेगा।

10 जून को वट सावित्री पूर्णिमा व्रत पर बन रहे ये चौघड़िया मुहूर्त-

लाभ – उन्नति: 10:36 ए एम से 12:21 पी एम

अमृत – सर्वोत्तम: 12:21 पी एम से 02:05 पी एम

शुभ – उत्तम: 03:50 पी एम से 05:34 पी एम

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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