विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पनकी और जवाहरपुर तापीय बिजली घरों के परिचालन व अनुरक्षण के निजीकरण की प्रक्रिया को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
इसके लिए चल रही टेंडर प्रक्रिया वापस नहीं लिए जाने पर 13 मई को प्रदेश भर में काली पट्टी बांधकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किए जाने की चेतावनी दी है।
समिति ने कहा है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के अध्यक्ष प्रदेश में बिगड़ती बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी लें, अन्यथा संघर्ष समिति से सार्थक वार्ता करें।
प्रबंधन की नीतिगत खामियों और जमीनी हकीकत से हटकर लिए गए निर्णयों से बिजली व्यवस्था चरमराती जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए सार्थक संवाद और समाधान की आवश्यकता है।