भारतीय-अमेरिकी देबाशीष घोष के खिलाफ नागरिकता रद करने की कार्यवाही शुरू की गई है। यह सामने आया है कि उन्होंने निवेशकों से 25 लाख अमेरिकी डालर की धोखाधड़ी की साजिश रची थी।
घोष के खिलाफ दायर नागरिकता रद करने की शिकायत में आरोप है कि जिस अवधि में उन्हें कानूनन अच्छे नैतिक चरित्र का प्रदर्शन करना आवश्यक था, उस दौरान उन्होंने नैतिक पतन से संबंधित अपराध किया। ऐसे गैरकानूनी कृत्य किए जिनसे उनके नैतिक चरित्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और उन्होंने अपने अपराध के बारे में झूठी गवाही दी।
कब किया था अमेरिका में प्रवेश?
देबाशीष घोष ने 1991 से कई बार अलग-अलग गैर-आप्रवासी वीजा पर अमेरिका में प्रवेश किया और 2012 में अमेरिकी नागरिक बन गए।
घोष उन 12 व्यक्तियों में शामिल हैं, जिनके खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग ने विभिन्न जिला न्यायालयों में नागरिकता रद करने की कार्यवाही शुरू की है। इन व्यक्तियों पर आतंकी समूह को सामग्री सहायता प्रदान करने, युद्ध अपराध करने और नाबालिग का यौन शोषण करने सहित गंभीर अपराधों का आरोप है।