अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को शुक्रवार को कोर्ट के फैसले ने बड़ झटका दिया है।
कोर्ट ने वाशिंगटन के इस मशहूर स्थल से ट्रंप का नाम हटाने का आदेश दिया और नवीनीकरण के लिए इसे बंद करने की उनकी योजनाओं पर रोक लगा दी। इस पर ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उनका प्रशासन केनेडी सेंटर का नियंत्रण कांग्रेस को सौंप देगा।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य विभाग को निर्देश दिया है कि वह इस संस्थान के पूर्ण और समग्र हस्तांतरण के लिए कांग्रेस के साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करे और इसकी संचालन, रखरखाव और प्रबंधन की जिम्मेदारी सांसदों को सौंप दे। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि ट्रंप के इस निर्देश को कैसे लागू किया जाएगा।
1958 में कांग्रेस ने की थी केनेडी सेंटर की स्थापना
केनेडी सेंटर की स्थापना 1958 में कांग्रेस द्वारा की गई थी, और इसका संचालन एक ‘बोर्ड आफ ट्रस्टीज’ करता है, जिसे राष्ट्रपति ने अपने दूसरे कार्यकाल में अपने सहयोगियों से भर दिया है।
अमेरिकी जिला जज क्रिस्टोफर कूपर ने फैसला सुनाया कि इस सेंटर का नाम, जिसे ट्रंप ने बदलकर “ट्रंप केनेडी सेंटर” कर दिया था, कांग्रेस के किसी अधिनियम के बिना नहीं बदला जा सकता।
उन्होंने ट्रंप प्रशासन को निर्देश दिया कि वे 14 दिनों के भीतर ट्रंप के नाम वाले सभी साइनेज (बोर्ड) हटा दें और आधिकारिक सामग्रियों से “ट्रंप केनेडी सेंटर” के किसी भी संदर्भ को समाप्त कर दें। केनेडी सेंटर को उसका नाम कांग्रेस ने दिया था, और केवल कांग्रेस ही इसे बदल सकती है।